बेटियों का सम्मान ही मां दुर्गा की सच्ची उपासना : डॉ. राकेश कुमार सिंह
ज्वाला देवी विद्यालय में 100 से अधिक छात्राओं का वैदिक रीति-रिवाज से हुआ कन्या पूजन
प्रयागराज, 16 अक्टूबर (हि.स.)।“कन्या पूजन हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है। मां दुर्गा की उपासना तब तक पूर्ण नहीं मानी जाती, जब तक हम उनके साक्षात स्वरूप कन्याओं का आदर-सत्कार न करें। बेटियां समाज की शक्ति और उज्ज्वल भविष्य हैं।” यह बातें शुक्रवार को ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस के प्रधानाचार्य डॉ. राकेश कुमार सिंह ने नवरात्रि के अवसर पर आयोजित कन्या पूजन उत्सव में कहीं।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) शिक्षा प्रसार समिति द्वारा संचालित विद्यालय में शुक्रवार को नवरात्रि और दुर्गा पूजा के उपलक्ष्य में कन्या पूजन उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान 100 से अधिक छात्राओं का वैदिक रीति-रिवाज से पूजन किया गया। आयोजन के माध्यम से बेटियों के सम्मान और नारी शक्ति के प्रति आदर का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य डॉ. राकेश कुमार सिंह ने पंडित जी के सहयोग से मां दुर्गा के मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन और आरती के साथ किया। इसके बाद छात्राओं को एक पंक्ति में बैठाकर शिक्षिकाओं और आचार्यों ने उनके पैर पखारे। उनका तिलक किया गया और लाल चुनरी ओढ़ाकर आरती उतारी गई।
प्रधानाचार्य ने कहा कि कन्या पूजन भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है। यह समाज को बालिकाओं के प्रति आदर और सम्मान का भाव रखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में आचार्या बहनों के योगदान की सराहना की।
पूजन के बाद कन्याओं को पूड़ी, हलवा और चने का प्रसाद व भोजन कराया गया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से उन्हें पठन-पाठन की सामग्री, खिलौने और मिठाइयां भी भेंट की गईं। उत्सव के दौरान छात्राओं ने भक्ति गीत, भजन और सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिससे विद्यालय परिसर भक्तिमय हो गया।
उक्त जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी सरोज दुबे ने बताया कि कार्यक्रम का संयोजन और संचालन आचार्या गरिमा एवं वसुंधरा के मार्गदर्शन में किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं मूल्यपरक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

