राष्ट्रीय एकता और कर्बला के शहीदों को 07 को दी जाएगी श्रद्धांजलि
72 ताबूत का जुलूस 7 अगस्त को निकलेगा
प्रयागराज, 01 अगस्त (हि.स.)। अन्जुमन खुद्दाम-ए-मोजिज़नुमा रजिस्टर्ड के तत्वावधान में कर्बला के 72 शहीदों की याद में ऐतिहासिक 72 ताबूत का जुलूस आगामी 7 अगस्त (23 सफर), शुक्रवार को सुबह 8 बजे दरियाबाद स्थित इमामबाड़ा कर्बला-ए-हिन्द मोजिज़नुमा (जद्दन मीर साहब) से निकाला जाएगा। यह जानकारी मीडिया से वार्ता करते हुए शनिवार को संस्था के अध्यक्ष सैय्यद रज़ा हसनैन एडवोकेट ने बताया कि राष्ट्रीय एकता को समर्पित इस जुलूस में प्रयागराज सहित विभिन्न जिलों की दर्जनों मातमी अंजुमनें शामिल होकर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी।
उन्होंने बताया कि जुलूस का शुभारंभ मौलाना सैय्यद इंतेज़ार आब्दी द्वारा कर्बला के शहीदों का संक्षिप्त परिचय देने के साथ होगा। इसके बाद शहीदों के ताबूत, झूले, अलम और ज़ुलजनाह को क्रमवार इमामबाड़ा परिसर से निकालकर गंज-ए-शहीदां पंडाल में रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि सीतापुर के महमूदाबाद स्टेट की प्रसिद्ध अंजुमन हैदरी काफिला-ए-बनी असद कर्बला की मार्मिक झांकी प्रस्तुत करेगी। इसके बाद प्रयागराज तथा अन्य जनपदों से आई दर्जनों मातमी अंजुमनें नौहा और मातम के साथ जुलूस में शामिल होंगी। जुलूस दरियाबाद कब्रिस्तान पहुंचेगा, जहां ताबूतों और श्रद्धा-सुमनों को सुपुर्द-ए-लहद किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कैदखाना-ए-शाम के निकट मौलाना नज़र मोहम्मद ज़ैनबी का संबोधन होगा। मातमी कार्यक्रम की शुरुआत मंज़रुल हिन्दी की सोज़ख्वानी तथा शबीहुल हसन (जौनपुर) की मुनाजात से होगी। महमूदाबाद की अंजुमन हैदरी के नौहाख्वान मज़हर हुसैन तथा करारी (कौशाम्बी) की अंजुमन अब्बासिया के नौहाख्वान हमूद रिज़वी विशेष नौहा पेश करेंगे।
सैय्यद रज़ा हसनैन एडवोकेट ने प्रशासन से जुलूस के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, नगर निगम की ओर से पेयजल टैंकर उपलब्ध कराने तथा भोर से शाम 7 बजे तक बिजली आपूर्ति निर्बाध रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विद्युत विभाग के कर्मचारियों की भी तैनाती की जाए।
प्रेस वार्ता में संस्था के सह मीडिया डायरेक्टर सैय्यद मोहम्मद अस्करी, अंतरराष्ट्रीय संचालक नजीब इलाहाबादी, ऐतिहासिक मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष इसरार नियाज़ी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

