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बैंकाक में गूंजेगी भारतीय शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरी, डॉ. रंजना त्रिपाठी करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

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बैंकाक में गूंजेगी भारतीय शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरी, डॉ. रंजना त्रिपाठी करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व


इंटरनेशनल योगा समिट 2026 में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित, प्रयागराज में खुशी की लहर

प्रयागराज, 16 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय शास्त्रीय संगीत और योग संस्कृति की समृद्ध परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रयागराज की डॉ. रंजना त्रिपाठी को मिला है। आर्य कन्या डिग्री कॉलेज की वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ. रंजना त्रिपाठी को थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल योगा समिट 2026 में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति देने और अतिथि वक्ता के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। वह इस आयोजन में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विरासत, उसकी लयात्मकता और सांस्कृतिक समरसता को प्रस्तुत करेंगी। उनकी इस उपलब्धि से प्रयागराज के शैक्षणिक और सांस्कृतिक जगत में प्रसन्नता है।

यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन 24 अक्टूबर 2026 को बैंकाक स्थित केआरआई वेलनेस लिविंग में होगा। इसका आयोजन ग्लोबल योग अलायंस, भारत की ओर से केआरआई वेलनेस लिविंग, बैंकाक के सहयोग से किया जा रहा है। इस अवसर पर वैश्विक योग अभियान,

योगा फॉर हीलिंग, हेल्थ एंड हैप्पीनेस’ का शुभारंभ भी होगा। कार्यक्रम की विषयवस्तु ‘व्हेन इंडिया सिंग्स, द सोल लिसन्स—ए डे ऑफ मेलोडी, रिदम एंड कल्चरल हार्मनी’ है, जिसका उद्देश्य संगीत, लय और सांस्कृतिक समरसता के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर सामने लाना है।

डॉ. रंजना त्रिपाठी इस अवसर पर भारतीय शास्त्रीय संगीत की कालजयी परंपरा और उसके सांस्कृतिक महत्व पर अपनी प्रस्तुति देंगी। उत्तर प्रदेश से इस आयोजन के लिए आमंत्रित एकमात्र प्रतिभागी के रूप में उनकी भागीदारी को प्रदेश के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान

डॉ. रंजना त्रिपाठी युवावस्था से ही राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र तथा विभिन्न सरकारी और स्वैच्छिक संगठनों के साथ जुड़कर सामाजिक कार्यों में योगदान देती रही हैं। उनके कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रीय युवा पुरस्कार, इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी राष्ट्रीय पुरस्कार और कॉमनवेल्थ यूथ पुरस्कार सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। वह इससे पहले यूरोप, श्रीलंका, दुबई और रियाद सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्थलों की यात्रा भी कर चुकी हैं।

संगीत के क्षेत्र में डॉ. त्रिपाठी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शोध किया है। हिन्दुस्तानी अकादमी के प्रकाशन सहित उनकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा उनके दो दर्जन से अधिक शोधपरक आलेख भी प्रकाशित हुए हैं। शिक्षण, शोध, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनके योगदान ने उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाई है।

शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने दी बधाई

डॉ. रंजना त्रिपाठी को अंतरराष्ट्रीय योग समिट में आमंत्रित किए जाने पर आर्य कन्या डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष पंकज जायसवाल, प्राचार्य प्रो. अर्चना पाठक, डॉ. ममता गुप्ता, प्रो. इभा सिरोठिया, प्रो. अंजू श्रीवास्तव, प्रो. नीलांजना जैन, डॉ. चित्रा, डॉ. अमित पांडेय, डॉ. श्यामकांत, डॉ. सव्यासाँची, डॉ. अनुपमा, डॉ. मुदिता, डॉ. सोनमती, डॉ. निशा, डॉ. प्रियंका, डॉ. शिखा, डॉ. दीपशिखा, डॉ. भारती, डॉ. शिवानी, डॉ. सुधा, डॉ. दामिनी, डॉ. नाजनीन, डॉ. हेमलता, डॉ. सोनम, डॉ. श्रुति और डॉ. रागिनी सहित महाविद्यालय के शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने भी उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल