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हर घर और विद्यालय में किताबों के लिए हो एक जगह, हर दिन पढ़ने का निश्चित हो समय : पार्थ सारथी सेन शर्मा

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हर घर और विद्यालय में किताबों के लिए हो एक जगह, हर दिन पढ़ने का निश्चित हो समय : पार्थ सारथी सेन शर्मा


बच्चे अंकों के लिए नहीं, आनंद के लिए पढ़ें; स्क्रीन के बढ़ते उपयोग के बीच पठन संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर

प्रयागराज, 30 अगस्त (हि.स.)। हर घर और हर विद्यालय में किताबों के लिए एक जगह और हर दिन पढ़ने के लिए एक निश्चित समय होना चाहिए। बच्चे केवल अंकों के लिए नहीं, बल्कि आनंद के लिए पढ़ें। उक्त बातें रविवार को शिक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के सिविल लाइंस परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय पठन संस्कृति महोत्सव ‘स्क्रीन से पन्नों तक’ में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहीं। उन्होंने कहा कि आज के स्क्रीन युग में बच्चों के साथ बड़ों में भी पढ़ने की आदत विकसित करने की जरूरत है।

पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि पुस्तकों से जुड़ाव विद्यार्थियों के ज्ञान, चिंतन, कल्पनाशक्ति और व्यक्तित्व विकास को समृद्ध करता है। आधुनिक तकनीक का उपयोग जरूरी है, लेकिन पुस्तकों और समाचार-पत्रों का नियमित अध्ययन भी जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यह कार्यक्रम एक सांकेतिक पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे प्रदेश में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम का आयोजन माध्यमिक शिक्षा विभाग के पुस्तकालय प्रकोष्ठ की ओर से पठन संस्कृति को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को मोबाइल एवं डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया।

सार्वजनिक पुस्तकालय का किया शुभारंभ

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षा निदेशालय परिसर में स्थित सार्वजनिक पुस्तकालय का आम लोगों के लिए शुभारंभ किया। उन्होंने पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान और पुस्तकों के नियमित पठन का महत्व बताने वाली प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम की रूपरेखा विशेष कार्याधिकारी, पुस्तकालय प्रकोष्ठ शांतवना तिवारी ने रखी।

तीन सत्रों में हुए कार्यक्रम

महोत्सव के पहले सत्र में महेश चंद्र देवा के संयोजन में सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी आयोजित हुई। मिथिलेश लखनवी ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। दूसरे सत्र में समाचार-पत्र पढ़ने की उपयोगिता पर चर्चा की गई। तीसरे सत्र में ‘लेखक से संवाद’ कार्यक्रम हुआ, जिसमें पार्थ सारथी सेन शर्मा और लेखिका प्रो. नीलम शरण गौर के बीच संवाद हुआ। इसका संचालन चंद्र प्रकाश ने किया।

सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और पुस्तकालय अध्यक्षों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, कोलकाता के पूर्व महानिदेशक के.के. बनर्जी को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद सुरेंद्र कुमार तिवारी, अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक कामता राम पाल, यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल