तैयार खरीफ फसलों की शीघ्र कटाई करें किसान, गीले अनाज का न करें भंडारण : केके सिंह
असामयिक बारिश से फसलों को बचाने के लिए कृषि विभाग ने जारी की सलाह रबी की बुवाई से पहले खेतों से जलनिकासी और प्रमाणित बीजों की व्यवस्था करने की अपील
प्रयागराज, 30 अक्टूबर (हि.स.)। असामयिक बारिश से पककर तैयार खरीफ फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसान मौसम अनुकूल होते ही धान, मक्का, अरहर सहित अन्य फसलों की शीघ्र कटाई और मड़ाई करें। गीले अनाज का भंडारण बिल्कुल न करें। यह सलाह शुक्रवार को जिला कृषि अधिकारी केके सिंह ने किसानों को दी है।
उन्होंने फसलों की सुरक्षा के साथ आगामी रबी की बुवाई की तैयारी समय से पूरी करने के लिए कृषि विभाग की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि किसान मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नियमित नजर रखें। जिन खेतों में खरीफ की फसल पककर तैयार हो चुकी है, वहां मौसम अनुकूल होने पर जल्द कटाई और मड़ाई करें। कटी हुई फसल को खेतों में खुले में न छोड़ें, बल्कि सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखें। खलिहान में रखे अनाज और भूसे को तिरपाल से ढककर बारिश से बचाएं। बारिश के कारण खेतों में जलभराव होने पर तत्काल पानी निकालने की व्यवस्था करें। गिरी हुई फसल को मौसम साफ होने पर अच्छी तरह सुखाने के बाद ही भंडारित करें।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि लगातार बारिश के दौरान कीटनाशक और फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव न करें। इससे दवाओं का उचित प्रभाव नहीं पड़ता। वहीं, रबी की फसलों की तैयारी के लिए खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। मिट्टी में पर्याप्त नमी और खेत जुताई योग्य होने पर ही जुताई करें। गेहूं, चना, मसूर और सरसों की बुवाई के लिए खेत तैयार करने के साथ प्रमाणित एवं उपचारित बीजों की व्यवस्था पहले से कर लें। खेतों में उपलब्ध अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद का भी उपयोग करें। जलभराव वाले खेतों में बुवाई करने से बचें।
केके सिंह ने कहा कि बारिश और जलभराव से फसल प्रभावित होने पर किसान उसकी फोटो और वीडियो सुरक्षित रखें। फसल को नुकसान होने पर तत्काल संबंधित लेखपाल, कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों को सूचना दें। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसान निर्धारित समय-सीमा में बीमा कंपनी अथवा कृषि विभाग को फसल नुकसान की जानकारी अवश्य दें।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए ही कृषि कार्य करें। मौसम प्रतिकूल होने पर कटाई, मड़ाई और बुवाई स्थगित रखें तथा अनुकूल मौसम मिलते ही आवश्यक कार्य पूरे करें। समय पर सावधानी और उचित प्रबंधन अपनाकर किसान खरीफ की तैयार फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के साथ रबी की अच्छी पैदावार की तैयारी भी कर सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

