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डिजिटल युग में युवा शक्ति को गांधी के विचारों से जोड़ना जरूरी : डॉ. सुधीर प्रकाश

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डिजिटल युग में युवा शक्ति को गांधी के विचारों से जोड़ना जरूरी : डॉ. सुधीर प्रकाश


डिजिटल युग में युवा शक्ति को गांधी के विचारों से जोड़ना जरूरी : डॉ. सुधीर प्रकाश


गांधी जयंती पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संगोष्ठी, युवाओं से संयम, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी अपनाने का आह्वान

प्रयागराज, 02 अक्टूबर (हि.स.)। डिजिटल युग में युवाओं के सामने अनेक अवसरों के साथ नई चुनौतियां भी हैं। ऐसे समय में तकनीक का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में किया जाना चाहिए। उक्त बातें शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गांधी विचार एवं बौद्ध शांति अध्ययन केंद्र में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर ‘डिजिटल युग में युवा शक्ति और महात्मा गांधी’ विषय पर गांधी जयंती समारोह एवं विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. सुधीर प्रकाश ने कहीं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरणा लेकर संयम, नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक जीवन-दृष्टि अपनानी चाहिए। डॉ. सुधीर प्रकाश ने कहा कि गांधी के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं। युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करने और समाज के हित में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सुधीर प्रकाश रहे। अध्यक्षता अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. मनमोहन कृष्ण ने की। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी मंडप में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर भी माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद मुख्य अतिथि डॉ. सुधीर प्रकाश एवं केंद्र के अध्यक्ष प्रो. मनमोहन कृष्ण ने गांधी उद्यान में पौधारोपण किया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. मनमोहन कृष्ण ने डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक मूल्यों और नैतिक दृष्टिकोण को बनाए रखना भी आवश्यक है। युवाओं को जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान अधिष्ठाता विद्यार्थी कल्याण प्रो. सूर्यभान सिंह ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ का संदेश देते हुए सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का स्वागत, विषय प्रवर्तन एवं संचालन केंद्र के समन्वयक डॉ. अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने किया।

समापन अवसर पर केंद्र के सहायक आचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने अतिथियों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह के माध्यम से गांधी के विचारों, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देने का संदेश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल