लोकतंत्र में जनता सरकार चुनती है, लेकिन अब मतदाता चुन रही है सरकार : भूपेश बघेल
सामाजिक न्याय और भागीदारी सम्मेलन में जाति जनगणना, मतदान के अधिकार और संविधान की रक्षा का मुद्दा उठाया
प्रयागराज, 25 अक्टूबर (हि.स.)। लोकतंत्र में जनता सरकार चुनती है, लेकिन आज ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश हो रही है कि सरकार ही तय करने लगे कि कौन मतदाता होगा। यह बातें रविवार को अलोपीबाग स्थित सरदार पटेल सेवा संस्थान में आयोजित कांग्रेस के सामाजिक न्याय और भागीदारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहीं।
उन्होंने मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि वोट का अधिकार सुरक्षित नहीं रहेगा तो लोकतंत्र की रक्षा भी सुनिश्चित नहीं हो सकेगी। जाति जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे समाज के सभी वर्गों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति की वास्तविक जानकारी मिलेगी और विकास की योजनाएं जरूरत के अनुसार बनाई जा सकेंगी।
बघेल ने कहा कि सामाजिक न्याय का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को उचित अधिकार, समान अवसर और सम्मान दिलाना है। इसके लिए जरूरी है कि विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। जाति जनगणना से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन-सा वर्ग सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से किस स्थिति में है तथा उसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किन प्रयासों की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज के अलग-अलग वर्गों की वास्तविक स्थिति के आंकड़े सामने नहीं आएंगे, तब तक उनकी जरूरतों और विकास में भागीदारी का सही आकलन करना मुश्किल होगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सामाजिक न्याय के मुद्दे को नए तरीके से उठाते हुए सभी वर्गों को बराबरी और न्याय दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
वोट की रक्षा ही लोकतंत्र की रक्षा
भूपेश बघेल ने एक नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम होना और उसे निर्भीक होकर मतदान करने का अवसर मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को अपनी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार है। इस अधिकार की रक्षा के लिए सभी को जागरूक रहना होगा।
मतदाता सूची से नाम काटे जाने पर जताई चिंता
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटते हैं तो उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की।
प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस ने सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया है। संविधान के तहत मिला यह अधिकार लोकतंत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों की गंभीरता से जांच करने और प्रत्येक पात्र नागरिक की मतदान प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से चुनाव लड़ रही है और पार्टी की चुनावी तैयारियों का असर जल्द धरातल पर दिखाई देगा।
वंचित वर्गों के अधिकारों का मुद्दा उठाया
कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार दलितों, शोषितों, वंचितों और अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देने के लिए तैयार है।
स्वराज भवन पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
सम्मेलन में शामिल होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना स्वराज भवन पहुंचे। वहां उन्होंने समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सम्मेलन के बाद बिजली घर चौराहे स्थित शंकरलाल मेमोरियल हॉल में प्रयाग जोन की संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश प्रभारी और पार्टी पदाधिकारियों ने संगठन के कार्यों तथा तैयारियों की समीक्षा की।
कार्यक्रम में कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता वीरेंद्र चौधरी, मनोज यादव, पूर्व विधायक विजय प्रकाश, देवेंद्र निषाद, फुजैल हाशमी, मुकुंद तिवारी, हसीब अहमद, सुधाकर तिवारी, हरिकेश त्रिपाठी, मनोज पासी, परवेज अंसारी, विजय यादव, तलत अजीम, विजय मिश्रा, अंशुमान पटेल और राजनारायण सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

