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नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के बाद ही शुरू होंगे नए सेल्फ फाइनेंस कोर्स

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नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के बाद ही शुरू होंगे नए सेल्फ फाइनेंस कोर्स


कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में अकादमिक परिषद की बैठक में निर्णय- पांच छात्रावासों में प्राथमिकता पर होंगे मरम्मत और पुनर्निर्माण के कार्य

प्रयागराज, 16 अक्टूबर (हि.स.)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नए सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए नियमित शिक्षकों की उपलब्धता अनिवार्य होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी है। पार्ट टाइम या अतिथि शिक्षकों के सहारे पठन-पाठन की गुणवत्ता को अपेक्षित स्तर पर बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शुक्रवार को नॉर्थ हॉल में कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई अकादमिक परिषद की बैठक में नए पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया।

बैठक में कुलसचिव प्रो. आशीष खरे सहित उपस्थित सदस्यों ने कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव को दूसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी। सदस्यों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी। बैठक में नए सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम शुरू करने सहित विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर चर्चा हुई।

पांच छात्रावासों में प्राथमिकता से होंगे काम

कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शुक्रवार को नॉर्थ हॉल में छात्रावासों के वार्डन और अधीक्षकों के साथ भी बैठक हुई। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा की गई। कुलपति ने निर्देश दिया कि छात्रावासों की मरम्मत, पुनर्निर्माण और जरूरी सुविधाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू किए जाएं।

पहले चरण में पुरुष छात्रावासों में जीएन झा छात्रावास, ताराचंद छात्रावास और डायमंड जुबली छात्रावास तथा महिला छात्रावासों में प्रियदर्शिनी छात्रावास और सरोजिनी नायडू छात्रावास में मरम्मत, पुनर्निर्माण और रखरखाव के कार्य कराए जाएंगे।

बिजली, सीवेज और वाई-फाई की सुविधाओं पर जोर

कुलपति ने सभी वार्डन और अधीक्षकों को निर्देश दिया कि छात्रावासों में जहां भी जरूरत हो, वहां भवन संबंधी कार्य, बिजली व्यवस्था, सीवेज लाइन, वाई-फाई और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। इन कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।

कुलपति ने सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया, ताकि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उन्हें पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के लिए बेहतर शैक्षणिक और आवासीय माहौल तैयार करना है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी, प्रो. जया कपूर ने बताया कि “विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखना और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। नए सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों के संचालन में नियमित शिक्षकों की उपलब्धता को आवश्यक माना गया है। वहीं, छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए पहले चरण में पांच छात्रावासों में मरम्मत और पुनर्निर्माण के कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे। बिजली, सीवेज, वाई-फाई और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।”

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल