युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए तीन माह के कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करे मुक्त विश्वविद्यालय : आनंदीबेन पटेल
राज्यपाल ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार होगी कौशल विकास की कार्ययोजना नामांकन बढ़ाने और नैक मूल्यांकन की तैयारी पर भी दिया जोर
प्रयागराज, 05 नवंबर (हि.स.)। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय तीन माह के रोजगारपरक कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू करे। इन पाठ्यक्रमों का चयन स्थानीय जरूरतों और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाए। विश्वविद्यालय अपने क्षेत्रीय केंद्रों पर उपलब्ध स्थान और संसाधनों का उपयोग कर युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करे। यह निर्देश प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में दिए।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के पास दूरस्थ शिक्षा प्रणाली और क्षेत्रीय केंद्रों का व्यापक नेटवर्क है। इसका बेहतर उपयोग करके अधिक से अधिक युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं का आकलन कर उपयोगी पाठ्यक्रम तैयार करने और इसकी विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने सभी शिक्षकों को कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी का भविष्य बेहतर बनाना और उसे आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके लिए विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी से काम करना होगा।
कम छात्र संख्या पर जताई चिंता, प्रचार-प्रसार बढ़ाने के निर्देश
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की अपेक्षाकृत कम संख्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नामांकन बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय को नए और व्यावहारिक उपाय अपनाने होंगे। रोजगारपरक एवं उपयोगी पाठ्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए अधिक लोगों की आवाजाही वाले स्थानों पर पाठ्यक्रमों से संबंधित बैनर और पर्चे लगाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा का लाभ उठा सकें।
नैक मूल्यांकन की तैयारी अभी से शुरू करें
राज्यपाल ने आगामी नैक मूल्यांकन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को अभी से व्यवस्थित तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले मूल्यांकन में सामने आई कमियों को तय समय में दूर किया जाए। बेहतर ग्रेड प्राप्त करने के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता, संस्थागत कार्यप्रणाली और अन्य जरूरी मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट भी मांगी।
विद्यार्थियों से किया संवाद, काउंसिलिंग कक्षाओं का समय बढ़ाने पर जोर
विश्वविद्यालय भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने यमुना परिसर स्थित त्रिवेणी सामुदायिक केंद्र से संचालित क्षेत्रीय केंद्र का निरीक्षण किया। यहां अधिन्यास पुस्तिकाएं जमा करने आए छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके करियर, पढ़ाई के अनुभव और विश्वविद्यालय की शिक्षण व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में संचालित काउंसिलिंग कक्षाओं की जानकारी भी प्राप्त की और विद्यार्थियों से उनकी सहभागिता के बारे में पूछा। उन्होंने निर्देश दिए कि अवकाश के दिनों में भी काउंसिलिंग कक्षाओं का व्यवस्थित कार्यक्रम बनाया जाए, जिससे नौकरी करने वाले और अन्य व्यस्त विद्यार्थी भी इनका लाभ उठा सकें।
क्षतिग्रस्त भवन के अनुरक्षण में तेजी लाने के निर्देश
क्षेत्रीय केंद्र के निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने क्षतिग्रस्त घोषित भवन के भूतल और प्रथम तल का जायजा लिया। उन्होंने भवन के अनुरक्षण से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद जिलाधिकारी प्रयागराज को भी भवन की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद राज्यपाल ने गंगा परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर राजभवन के उच्चाधिकारी, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र और शिक्षक उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

