वायु सेना दिवस : 60 वर्षों से प्रयागराज से जुड़ी मध्य वायु कमान की गौरवशाली विरासत
बमरौली में उड़ान प्रशिक्षण से लेकर महाकुंभ तक निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, वाराणसी में 22 से 25 अक्टूबर तक होगा हवाई प्रदर्शन
प्रयागराज, 07 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय वायु सेना के 08 अक्टूबर को मनाए जा रहे 94वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रयागराज का वायु सेना से जुड़ा गौरवशाली रिश्ता भी सामने आता है। मध्य वायु कमान का मुख्यालय वर्ष 1966 में प्रयागराज स्थानांतरित हुआ था और इस वर्ष शहर में इसकी मौजूदगी के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं। वायु सेना स्टेशन बमरौली और बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल ने भी प्रयागराज को सैन्य उड़ान और प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में पहचान दी है।
8 अक्टूबर 1932 को स्थापित भारतीय वायु सेना देश की वायु सीमाओं की सुरक्षा के साथ सैन्य अभियानों और आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
संगम के ऊपर हुआ था भव्य हवाई प्रदर्शन
8 अक्टूबर 2023 को बमरौली में 91वें वायु सेना दिवस की समारोहिक परेड आयोजित की गई थी। इसके बाद त्रिवेणी संगम के ऊपर हवाई प्रदर्शन हुआ था। इस आयोजन ने शहर के वायु सेना से जुड़ाव को एक नई पहचान दी।
महाकुंभ में संभालीं 5,500 से अधिक उड़ानें
महाकुंभ 2025 के दौरान वायु सेना स्टेशन बमरौली ने हवाई यातायात के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्टेशन के वायु यातायात नियंत्रण ने 3,648 निर्धारित और 1,904 गैर-निर्धारित उड़ानों का संचालन संभाला। इसके अलावा महाकुंभ में आने वाले वायु सेना कार्मिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को प्रशासनिक सहायता भी दी गई।
1,150 से अधिक पायलटों को प्रशिक्षण
बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना 9 अक्टूबर 1987 को हुई थी। यहां पहले एचपीटी-32 विमान से प्रारंभिक उड़ान प्रशिक्षण दिया गया। बाद में हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण शुरू हुआ और 1 फरवरी 2006 को चेतक हेलीकॉप्टर पर पहला प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया गया। वर्ष 2006 से अब तक बीएफटीएस ने 40 आर्मी पायलट पाठ्यक्रमों के तहत भारतीय सेना और भारतीय तटरक्षक बल के 1,150 से अधिक पायलटों को प्रथम चरण का हेलीकॉप्टर उड़ान प्रशिक्षण दिया है।
युद्ध और आपदा राहत में भी अहम भूमिका
प्रयागराज स्थित मध्य वायु कमान ने 1965 और 1971 के युद्धों के अलावा 1988 के ऑपरेशन कैक्टस और कारगिल संघर्ष के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कमान के परिवहन विमानों, हेलीकॉप्टरों और अन्य इकाइयों ने इन अभियानों में भूमिका निभाई।
भुज भूकंप, हिंद महासागर सुनामी, उत्तराखंड में ऑपरेशन राहत, जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन मेघ राहत, नेपाल भूकंप और विभिन्न राज्यों में बाढ़ के दौरान भी मध्य वायु कमान के विमानों और कार्मिकों ने राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान दिया।
वाराणसी में 22 से 25 अक्टूबर तक हवाई प्रदर्शन
मध्य वायु कमान इस वर्ष वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को ‘भारतीय वायु सेना दिवस हवाई प्रदर्शन-2026’ आयोजित करेगी। नमो घाट पर विशिष्ट अतिथियों के लिए दर्शक दीर्घा होगी, जबकि आम नागरिक निर्धारित सार्वजनिक दर्शक क्षेत्रों से प्रदर्शन देख सकेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है, हालांकि उनकी उपस्थिति की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। हवाई प्रदर्शन के समय, सार्वजनिक दर्शक क्षेत्रों, यातायात, पार्किंग और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश आधिकारिक माध्यमों से अलग से जारी किए जाएंगे।
रक्षा मंत्रालय प्रयागराज के प्रवक्ता एवं जनसंपर्क अधिकारी विंग कमांडर देबार्थो धर ने बुधवार काे बताया कि प्रयागराज का मध्य वायु कमान और बमरौली से लंबे समय से गौरवशाली संबंध रहा है। सैन्य अभियानों के साथ प्रशिक्षण, आपदा राहत और बड़े नागरिक आयोजनों में भी वायु सेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वाराणसी में होने वाले हवाई प्रदर्शन के संबंध में नागरिकों से अधिकृत सूचनाओं का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

