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प्रयागराज में ओवररेटिंग और खाद की कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

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प्रयागराज में ओवररेटिंग और खाद की कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई


शंकरगढ़ और कोरांव में दो विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी की कार्रवाई, 150 बोरी खाद का हिसाब नहीं मिला

प्रयागराज, 13 अगस्त (हि.स.)। उर्वरक की अधिक कीमत वसूलने, खाद की कालाबाजारी और अवैध बिक्री की शिकायतों पर कृषि विभाग ने यमुनापार में बड़ी कार्रवाई की है। जिला कृषि अधिकारी केके सिंह ने गुरुवार को जसरा, शंकरगढ़, नारीबारी और कोरांव क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शंकरगढ़ और कोरांव में उर्वरक बिक्री में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की गई।

शंकरगढ़ के गड़हिया स्थित पटेल खाद बीज भंडार के निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच में विक्रेता द्वारा नियमों के विपरीत 15 किसानों को 50-50 बोरी यूरिया बेचने की बात सामने आई। निरीक्षण के दौरान आवश्यक अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए।

जांच में पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक में करीब 150 बोरी का अंतर मिला। इसके अलावा रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड और बिक्री पंजिका भी अधूरी मिली। पीओएस मशीन में 160 बोरी एनपीके दर्ज थी, जबकि मौके पर एनपीके का भौतिक स्टॉक नहीं मिला। स्थानीय किसानों से पूछताछ में अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायतों की भी पुष्टि हुई।

जिला कृषि अधिकारी ने प्रथम दृष्टया मामले को उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध कारोबार से जुड़ा मानते हुए संबंधित विक्रेता के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कराई।

नकली डीएपी की शिकायत पर कोरांव में छापा

इसके बाद कोरांव क्षेत्र में नकली डीएपी बेचने की शिकायत पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की। कृषक रामचंद्र सिंह ने शिकायत की थी कि लवकुश नामक व्यक्ति द्वारा नकली डीएपी खाद बेची जा रही है। पूछताछ में उसके अवधेश केसरी पुत्र ओमप्रकाश केसरी के साथ मिलकर नकली खाद का कारोबार करने की बात सामने आई। यह कारोबार करीब एक महीने से किए जाने की जानकारी भी मिली।

जिला कृषि अधिकारी केके सिंह ने कपसी गांव में कृषक अजय सिंह के घर पर उपलब्ध उर्वरक की जांच कराई। खाद संदिग्ध पाए जाने पर उसका नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अवैध उर्वरक कारोबार के मामले में संबंधित विक्रेता के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने लवकुश को अभिरक्षा में रखा है, जबकि अवधेश केसरी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

कृषि विभाग की इस कार्रवाई से उर्वरक की कालाबाजारी, अधिक कीमत पर बिक्री और नकली खाद के कारोबार में शामिल लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल