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प्रांत संघचालक अंगराज ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में टेका मत्था

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प्रांत संघचालक अंगराज ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में टेका मत्था


- राष्ट्र की सुख-समृद्धि, सामाजिक समरसता और जनकल्याण की कामना, शताब्दी वर्ष के सेवा-संकल्प को किया रेखांकित

मीरजापुर, 02 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रांत संघचालक अंगराज ने गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मां विंध्यवासिनी के चरणों में मत्था टेकते हुए राष्ट्र की सुख-समृद्धि, सामाजिक समरसता, शांति और जनकल्याण की मंगलकामना की।

संघ के शताब्दी वर्ष को सेवा, संगठन और समाज के प्रति समर्पण के संकल्प वर्ष के रूप में देखा जा रहा है। इसी क्रम में प्रांत संघचालक अंगराज ने मां विंध्यवासिनी का आशीर्वाद लेकर राष्ट्र के सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता की प्रार्थना की।

पूजा-अर्चना वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई। दर्शन के बाद उन्होंने देश के उज्ज्वल भविष्य, समाज में आपसी सद्भाव और नागरिकों के कल्याण की कामना की।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता, सेवा कार्यों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और व्यापक बनाने की दिशा में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसी कड़ी में प्रांत संघचालक का विंध्यधाम आगमन भी आध्यात्मिक आस्था और राष्ट्रसेवा के संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है।

दर्शन-पूजन के दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी प्रांत संघचालक का अभिवादन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा