दैवीय आपदाओं में मौत पर पोस्टमार्टम अनिवार्य, लापरवाह अधिकारियों पर हाे कार्रवाई : डॉ. लालजी
मीरजापुर,17 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति की जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में मंगलवार को राहत कार्यों और बचाव तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति के सभापति लालजी प्रसाद निर्मल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भदोही,सोनभद्र और मीरजापुर के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
पोस्टमार्टम अनिवार्य, तभी मिलेगी सहायता
सभापति ने स्पष्ट निर्देश दिया कि दैवीय आपदाओं, विशेषकर सर्पदंश से होने वाली मौतों के मामलों में पोस्टमार्टम अनिवार्य रूप से कराया जाए। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम न होने की स्थिति में पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में कठिनाई होती है।
अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्ती
बैठक में अधीक्षण अभियंता (विद्युत) सोनभद्र व भदोही के अनुपस्थित रहने पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उनसे स्पष्टीकरण लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए और रिपोर्ट समिति को प्रस्तुत की जाए।
स्कूलों में आपदा जागरूकता अभियान
समिति ने निर्देश दिया कि प्राथमिक विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान आपदा मित्रों के माध्यम से बच्चों को आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए, ताकि जागरूकता बढ़े।
राहत कार्यों का ऑडिट और रिपोर्टिंग
समिति ने बाढ़ व आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रैन बसेरा, अलाव, कूलर आदि पर हुए खर्च का बिंदुवार विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग द्वारा किए गए कार्यों का ऑडिट कर रिपोर्ट देने के भी आदेश दिए। वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 व 2025-26 में आपदा राहत वितरण की समीक्षा भी करने को कहा है।
स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन पर फोकस
समिति ने फाइलेरिया, डेंगू और मलेरिया की पिछले 5 वर्षों की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संचारी रोग अभियान को सभी विभागों के समन्वय से चलाने पर जोर दिया। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के अभाव में होमगार्ड व ग्राम चौकीदारों को आपदा मित्र के रूप में जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
आदिवासी विस्थापन और पर्यावरण पर निर्देश
समिति ने वन क्षेत्र विस्तार के दौरान वहां रहने वाले आदिवासी समुदाय के लोगों को पहले आवासीय योजनाओं से लाभान्वित करने के बाद ही विस्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही वायु प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
मजदूरों के स्वास्थ्य परीक्षण पर जोर
पत्थर खदानों और ईंट भट्ठों में कार्यरत मजदूरों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी सोनभद्र बद्रीनाथ सिंह और मीरजापुर पवन कुमार गंगवार ने समिति को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में समिति के सदस्य हंसराज विश्वकर्मा,अरविंद सिंह,विवेक सिंह,बृजेश सिंह,संजय कुमार सहित संबंधित जनपदों के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक से पूर्व सभी अधिकारियों ने सभापति व सदस्यों का पुष्पगुच्छ,अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

