साइबर अपराध की जांच में दक्ष होंगे मीरजापुर के पुलिसकर्मी
- बीएचयू दक्षिणी परिसर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और साइबर ठगी रोकने पर जोर
मीरजापुर, 17 सितंबर (हि.स.)। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए मीरजापुर पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर अपराध की रोकथाम और जांच में दक्ष बनाने के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। बीएचयू दक्षिणी परिसर बरकछा में 17 से 19 सितंबर तक चलने वाले कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने किया।
कार्यक्रम पुलिस और विश्व शाश्वत परिषद (डब्ल्यूएससी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। साइबर रक्षक 2.0 के तहत आयोजित प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को साइबर ठगी के तरीके, अपराध के बाद जांच, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और मामलों के निस्तारण से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रशिक्षण का उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच की गुणवत्ता बेहतर करना है, ताकि पुलिसकर्मी तकनीकी साक्ष्यों को सही तरीके से जुटाकर उनका इस्तेमाल विवेचना में कर सकें। साथ ही आम लोगों को साइबर ठगी से बचाने के लिए जरूरी जानकारी भी दी जाएगी।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन राजकुमार मीणा और डब्ल्यूएससी के विशेषज्ञ प्रतिनिधियों ने पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान डब्ल्यूएससी प्रतिनिधि रजत नारायण ने पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन राजकुमार मीणा का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। पुलिस अधीक्षक का स्वागत वरिष्ठ पत्रकार सरिता तिवारी ने किया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं में तैनात पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

