हादसे में मां की ममता बनी ढाल, टक्कर के बाद भी गोद से नहीं छूटा दुधमुंहा बच्चा
मीरजापुर, 31 मार्च (हि.स.)। “जाको राखे साइयां, मारि सके न कोय” कहावत मंगलवार सुबह जिगना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में सच साबित हो गई। दो बाइकों की जोरदार टक्कर में जहां तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं चार माह का दुधमुंहा बच्चा चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया।
घटना जिगना थाने से करीब 500 मीटर पूर्व मीरजापुर-प्रयागराज मार्ग पर सुबह करीब आठ बजे की है। विंध्याचल थाना क्षेत्र के भटेवरा गांव निवासी 35 वर्षीय छविनाथ अपनी पत्नी कविता और चार माह के बच्चे को लेकर इलाज के लिए जिगना तिराहे स्थित एक निजी अस्पताल जा रहे थे। जैसे ही उन्होंने तिराहे पर बाइक मोड़ी, सामने से आ रही दूसरी बाइक से जोरदार टक्कर हो गई।
दूसरी बाइक सिहौली गांव निवासी सुमंग दुबे (18) चला रहा था, जो अपने बड़े भाई को मेडिकल स्टोर पर छोड़कर घर लौट रहा था। अचानक सामने आई बाइक से उसकी टक्कर हो गई, जिससे दोनों बाइक सवार और महिला गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बीच सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य यह रहा कि टक्कर के बावजूद मां ने अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद से नहीं गिरने दिया। सड़क पर गिरने के बाद भी बच्चा मां से चिपका रहा और सुरक्षित बच गया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए।
आसपास के दुकानदारों और ग्रामीणों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर घायल दंपती और बच्चे को पीएचसी सर्रोंई में भर्ती कराया, जबकि सुमंग दुबे को उसके परिजन पास के एक निजी अस्पताल ले गए।
थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। हादसे के बाद क्षेत्र में इस घटना की चर्चा बनी हुई है, जहां मां की ममता ने बच्चे की जान बचा ली।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

