उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के रुप में मनाया गया पर्यूषण पर्व का दसवां दिवस
मुरादाबाद, 26 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद में दिगंबर जैन समाज के पर्व राज पर्यूषण का अंतिम (दसवां) दिवस शनिवार को पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर लोहागढ़ में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के रूप में मनाया गया। आज जैन धर्म के 12 वें तीर्थंकर भगवान बासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक भी बहुत धूम धाम से मनाया गया। जिसमें भगवान को प्रथम लाड़ू श्रीमती रुचि जैन परिवार द्वारा समर्पित किया गया। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आज शांतिधारा का सौभाग्य नरेंद्र, प्रीता, आकाश, श्रद्धा, अभिषेक, मान्या, पंकज, यश, परीशा, अतिशय, अभिमन्यु, आराध्या, आध्विक, पारस, प्रगति जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
मध्य प्रदेश के जिला अशोकनगर से पधारे शास्त्री प्रासु जैन ने सभी को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का महत्व समझाते हुए कहा ब्रह्मचर्य दो शब्दों से मिलकर बना है।'ब्रह्म' का अर्थ है 'आत्मा' और 'चर्या' का अर्थ है 'लीन होना' या 'विचरण करना'।
अध्यक्ष जैन समाज राजीव जैन द्वारा सभी का धन्यवाद किया गया। इस अवसर कार्यकारणी सदस्य नितिन जैन, अखिलेश, नमन, नीरज, महिला जैन समाज अध्यक्षा ममता जैन, मंत्री गौरी जैन, अरिहंत,अंजू, नीरू, अलका, पारुल, शिवानी, पूनम जैन एवं बड़ी संख्या में महिला व पुरुष जैन समाज मौजूद रहें।
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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

