home page

आठ महीने से मानदेय नहीं, मनरेगा कर्मियों का फूटा गुस्सा

 | 
आठ महीने से मानदेय नहीं, मनरेगा कर्मियों का फूटा गुस्सा


- ‘जीवन के अधिकार’ का हवाला देकर आंदोलन की चेतावनी, बीडीओ को सौंपा पत्रक

मीरजापुर, 09 मार्च (हि.स.)। राजगढ़ विकास खंड मुख्यालय पर सोमवार को मनरेगा कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। पिछले आठ महीनों से मानदेय और ईपीएफ का भुगतान न होने से नाराज कर्मियों ने उत्तर प्रदेश मनरेगा कर्मचारी महासंघ के बैनरतले प्रदर्शन कर खंड विकास अधिकारी वीरेंद्र प्रताप वर्मा को पत्रक सौंपा और जल्द भुगतान की मांग की।

कर्मचारियों का कहना है कि विकासखंड में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों को पिछले आठ माह से मानदेय और ईपीएफ नहीं मिला है, जबकि तकनीकी सहायकों का चार माह से मानदेय तथा आठ माह से ईपीएफ का भुगतान लम्बित है। इसके चलते कर्मियों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

मनरेगा कर्मियों ने बताया कि उन्होंने मनरेगा के कार्यों के साथ-साथ एसआईआर और फसल सर्वे जैसे अन्य विभागीय कार्यों में भी पूरी निष्ठा से योगदान दिया है। इसके बावजूद विभाग उनकी समस्याओं के प्रति उदासीन बना हुआ है। कर्मचारियों ने कहा कि दीपावली और होली जैसे बड़े त्योहार भी बीत गए, लेकिन अब तक मानदेय मिलने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि यह स्थिति अमानवीय है और संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मिले ‘जीवन के अधिकार’ का उल्लंघन भी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को मनरेगा के तहत सर्वाधिक मानव दिवस सृजित करने के लिए सराहना मिली है और प्रशासनिक मद में पर्याप्त धनराशि भी आवंटित की गई है, फिर भी कर्मियों का भुगतान लम्बित रहना वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करता है।

मनरेगा कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनका लम्बित मानदेय और ईपीएफ का भुगतान नहीं किया गया तो वे मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराते हुए आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान अवधेश सिंह, प्रदीप कुमार, जटा शंकर तिवारी, प्रमोद कुमार, दिलीप कुमार त्रिपाठी, रामविलास, पूजा सिंह, राजेंद्र प्रसाद, प्रमोद कुमार गुप्ता सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा