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बांस का काम करने वाली जातियाें का 30 सितंबर लखनऊ में होगा सम्मेलन : डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल

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बांस का काम करने वाली जातियाें का 30 सितंबर लखनऊ में होगा सम्मेलन : डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल


लखनऊ, 28 सितंबर (हि.स.)। बांस के कार्य से जुड़ी धरकार, बसोड़, वेन बंशी, बांसफोड़ आदि जातियों का महासम्मेलन आगामी 30 सितंबर 2026 को पूर्वाहन 11 बजे से विश्वेश्वरैया सभागार, लखनऊ में आयोजित हो रहा है।

यह जानकारी विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सोमवार को दी। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति और हिन्दू परम्परा में बांस को बहुत पवित्र माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम का धनुष और भगवान कृष्ण की बांसुरी बांस से ही बनाई गयी थीं। हरा बांस जन्म से लेकर मृत्यु तक प्रासंगिक है। किन्तु बांस की अनुपलब्धता, कच्चे माल की कमी, प्लास्टिक के उपयोग ने बांस कार्य करने वाली जातियों को हाशिए पर ला दिया है। वे वर्तमान में आर्थिक बदहाली के शिकार हैं और काफी लोग सड़क के किनारे झोपड़ी बना कर रहने के लिए मजबूर हैं।

डॉ. निर्मल ने बताया कि बांस की व्यापक खेती, बांस शिल्प कला बोर्ड गठित कर बांस कार्य को प्रोत्साहन तथा बांस की खेती के लिए इन वर्गो को पट्टे पर जमीन उपलब्ध करा कर इन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकता है।

सम्मेलन में केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री जयवीर सिंह तथा असम राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ बांसफोड़ मुख्य रूप से सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा