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अब विदेशों तक पहुंचेगी मीरजापुर की फसल, किसानों को मिलेगा लाखों का प्रोत्साहन

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अब विदेशों तक पहुंचेगी मीरजापुर की फसल, किसानों को मिलेगा लाखों का प्रोत्साहन


मीरजापुर, 11 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। कृषि निर्यात नीति-2019 के तहत सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में किसानों को निर्यात आधारित खेती से जोड़ने और एफपीओ को आर्थिक सहायता देने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, मझवां विधायक शुचिस्मिता मौर्या, अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष इंजीनियर रामलौटन बिंद समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि विकासखंड स्तर पर एफपीओ द्वारा 50 से 100 हेक्टेयर में क्लस्टर बनाकर कृषि उत्पादों का निर्यात करने पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए परिवहन लागत पर भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों ने किसानों को निर्यातोन्मुख खेती अपनाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया।

प्रोसेसिंग यूनिट लगाने वालों को भी मिलेगा लाभ

क्लस्टर क्षेत्र के आसपास कृषि प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने वाले उद्यमियों को भी योजना का लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार यदि इकाई 40 प्रतिशत तक उत्पाद निर्यात करती है तो उसे भी नीति के तहत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

कृषि निर्यात से जुड़े कोर्स शुरू करने की तैयारी

बैठक में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय में पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट और कृषि निर्यात से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स शुरू कराने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना है कि इससे युवाओं को आधुनिक कृषि और निर्यात क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे।

चुनार निर्यात केंद्र से किसानों को मिलेगा मार्गदर्शन

एपीडा के प्रतिनिधि शुभम राय ने सरदार पटेल निर्यात सुविधा केंद्र, चुनार की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से किसानों और एफपीओ को निर्यात प्रक्रिया, पैकेजिंग और विपणन संबंधी तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा