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मीरजापुर: एक साल पहले बनी माइनर टूटी, सैकड़ों एकड़ खेत बने तालाब

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मीरजापुर: एक साल पहले बनी माइनर टूटी, सैकड़ों एकड़ खेत बने तालाब


- लाइनिंग की गुणवत्ता पर उठे सवाल, धान की रोपाई के बीच पानी के लिए तरसे किसान

मीरजापुर, 29 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में अहरौरा बांध से निकली पटिहटा माइनर मंगलवार रात एकली गांव के सामने टूट गई, जिससे सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। एक ओर खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान पहुंचा, तो दूसरी ओर नहर का पानी बंद होने से कई गांवों के किसान धान की रोपाई नहीं कर सके। इस दोहरी मार से किसानों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों का बुधवार को कहा कि पटिहटा माइनर की पक्की लाइनिंग का कार्य करीब एक वर्ष पहले ही लाखों रुपये की लागत से कराया गया था। किसानों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण बरसात के दौरान माइनर टूट गई। किसान चंद्रमा सिंह समेत अन्य लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

नहर टूटने से आसपास के खेतों में पानी भर गया, जबकि आगे के हिस्सों में पानी का प्रवाह पूरी तरह रुक गया। धान की रोपाई के इस महत्वपूर्ण समय में पानी नहीं मिलने से किसान पूरे दिन परेशान रहे और सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था तलाशते नजर आए।

मरम्मत में जुटा सिंचाई विभाग

अहरौरा बांध के जूनियर इंजीनियर ओमप्रकाश राय ने बताया कि स्थानीय किसानों से नहर टूटने की सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। जेसीबी मशीन और मिट्टी से भरी बोरियों की मदद से नहर की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति बहाल की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा