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उप्र में वित्तीय वर्ष में औद्योगिक इकाईयों को वितरित की गई 2000 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि

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उप्र में वित्तीय वर्ष में औद्योगिक इकाईयों को वितरित की गई 2000 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि


औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने वित्तीय वर्ष समापन के पूर्व की बजट की समीक्षा

औद्योगिक विकास विभाग ने निर्धारित बजट 28,864 करोड़ का 66.58 प्रतिशत किया उपयोग,87.00 प्रतिशत तक आंकड़ा पहुंचने की उम्मीद

लखनऊ, 24 मार्च (हि.स.)। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगमन के पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने मंगलवार को 6 कालिदास मार्ग स्थित अपने कैम्प कार्यालय में प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार के साथ बैठक कर औद्योगिक विकास विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित बजट के उपभोग की समीक्षा की। निर्धारित बजट 28,864.98 करोड़ के सापेक्ष अभी तक किन-किन मदों में कितनी धनराशि आवंटित की जा चुकी है व किन मदों में कितना और आवंटन वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व किया जा सकता है, इस पर चर्चा की।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में औद्योगिक विकास विभाग को 28,864.98 करोड़ रूपये आवंटित किए गए थे। जिसमें से अभी तक 19,218 करोड़ रूपये राशि की शासन द्वारा स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। वहीं 6000 करोड़ रूपये की धनराशि का स्वीकृति आदेश वित्तीय वर्ष समापन के पहले जारी हो जाएगा।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में औद्योगिक विकास विभाग के लिए 28,864.98 करोड़ रूपये के बजट का प्राविधान किया गया था। जिसमें से अभी तक निर्धारित कुल बजट में 19,218 करोड़ रूपये खर्च करने की स्वीकृति जारी हो चुकी है। जो शासन स्तर से निर्धारित कुल बजट का 66.58 प्रतिशत है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन के पूर्व करीब 6000 करोड़ रूपये की स्वीकृति की पूरी उम्मीद है। जिसके पश्चात निर्धारित बजट का कुल उपभोग प्रतिशत 87.37 प्रतिशत के करीब पहुंच जाएगा।

मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नए भारत का नया उत्तर प्रदेश आज देश का ग्रोथ इंजन बन कर उभरा है। आज उत्तर प्रदेश में जहां कानून का राज है, वहीं देश की सबसे बेहतर औद्योगिक नीति, ट्रांसपोर्टेशन की बेहतर सुविधाएं, देश में सर्वाधिक एक्सप्रेसवे का जाल, पांच अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ ही 17 घरेलू एयरपोर्ट प्रदेश को और मजबूती प्रदान कर रहे हैं। औद्योगिक विकास में कहीं कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। डबल इंजन की सरकार ने औद्योगिक विकास विभाग के लिए खजाना खोल रखा है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन स्तर से औद्योगिक विकास विभाग के लिए निर्धारित 28,864.98 करोड़ रूपये में 66.58 प्रतिशत का उपयोग किया जाना और वित्तीय वर्ष समापन तक यह आंकड़ा 87.37 तक पहुंचने की सम्भावना इस बात का प्रमाण है कि औद्योगिक विकास विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनामी वाला राज्य बनाने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है।

प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास विभाग की विभिन्न नीतियों के तहत विभिन्न औद्योगिक इकाईयों को करीब 2000 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। जिनमें एसजीएसटी पूर्ति के साथ ही अन्य प्रोत्साहन राशि भी शामिल हैं। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विभिन्न योजनाओं में जमीन खरीदने के लिए 2900 करोड़ रूपये का खर्च किया गया। वहीं जेवर लिंक एक्सप्रेसवे औरर फरूर्खाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के विकास के लिए 550 करोड़ रूपये की धनराशि आवंटित की गई हैं। वहीं बुन्देलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ ही अन्य एक्सप्रेसवे के किनारे विभिन्न जनपदों में औद्योगिक गलियारा विकास के लिए 250 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं डिफेंस कॉरिडोर योजना के तहत भूमि क्रय के लिए 250 करोड़ रूपया स्वीकृत किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा