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छन्नूलाल मिश्र की स्मृति में सजा संगीत संसार, सितार जुगलबंदी ने सुरों की बिखेरी अनूठी छटा

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छन्नूलाल मिश्र की स्मृति में सजा संगीत संसार, सितार जुगलबंदी ने सुरों की बिखेरी अनूठी छटा


मीरजापुर, 02 अक्टूबर (हि.स.)। सिविल लाइन स्थित सिटी क्लब का प्रेक्षागृह शुक्रवार की शाम सुरों और तालियों से गूंज उठा। अवसर था पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित ‘संगीत-संत स्मृति अलंकरण समारोह एवं संगीत संध्या’ का। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने संगीत साधक पं. छन्नूलाल मिश्र की स्मृतियों को जीवंत कर दिया।

गुरुकुल पं. छन्नूलाल मिश्र काशी संगीत न्यास वाराणसी और नम्र सेवा संस्थानम् के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह की प्रणेता उनकी पुत्री एवं शिष्या प्रो. नम्रता मिश्रा रहीं। मुख्य अतिथि मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ रहीं। समारोह में संगीत और समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए पंचम राम को तबला वादन, बद्री यादव को गायन एवं लोक संगीत के क्षेत्र में ‘संगीत-संत स्मृति अलंकरण’ से सम्मानित किया गया। साथ ही 5100 रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की गई।

संगीत संध्या में पं. रविशंकर मिश्र, डॉ. ममता टंडन और मान्डवी सिंह ने कथक की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। पं. नरेंद्र लमिश्र और पं. अमरेंद्र मिश्र की सितार जुगलबंदी ने सुरों की अनूठी छटा बिखेरी। पं. पंकज मिश्र और साथियों ने भजन व सुगम संगीत प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। तबला पर पं. भोलानाथ मिश्र, आदित्य मिश्र और अवंतिका मिश्रा, बांसुरी पर प्रांजल सिंह तथा गायन सहयोग में गौरव मिश्र ने संगत दी। प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा