देश की जनता और युवाओं के दबाव के आगे सरकार को शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेना पड़ा : सुनील सिंह
लखनऊ, 25 जुलाई (हि.स.)। लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि आखिरकार देश की जनता और करोड़ों युवाओं के भारी दबाव के आगे केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन युवाओं के संघर्ष की जीत है, जिन्होंने अपने भविष्य को बचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाई।
सुनील सिंह ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि देश का युवा ही देश का भविष्य है। जब शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हों, परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो और छात्रों का विश्वास डगमगाने लगे, तब केवल मंत्री बदल देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही तय करनी होगी और ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे किसी भी युवा के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।
सुनील सिंह ने कहा कि सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार का पहला दायित्व है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, तभी देश का भविष्य सुरक्षित होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

