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मुरादाबाद के ग्राम सहसपुरी में एक और तेंदुए का रेस्क्यू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

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मुरादाबाद के ग्राम सहसपुरी में एक और तेंदुए का रेस्क्यू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस


-वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने केज ट्रैप के माध्यम से शुक्रवार सुबह जनपद में बारहवें तेंदुए का किया रेस्क्यू

-संवेदनशीलता के दृष्टिकोण से वन विभाग की देखरेख में रेस्क्यू टीम लगातार सक्रिय : जिलाधिकारी

मुरादाबाद, 04 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद में ग्राम सहसपुरी में शुक्रवार सुबह एक तेंदुआ पिंजरे के माध्यम से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है। जनपद में पिंजरे के माध्यम से रेस्क्यू किया जाने वाला यह बारहवां तेंदुआ है। जबकि इसी गांव में यह दूसरे तेंदुए का रेस्क्यू है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पिंजरे को अपने कब्जे में ले लिया। उसे देखने के लिए ग्रामीणाें की भीड़ जुटी थी। बीते 33 दिन में ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए ने तीन महिलाओं सेमत चार लोगों को अपना निवाला बनाया है।

जिलाधिकारी डाॅ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि संवेदनशीलता के दृष्टिकोण से वन विभाग की देखरेख में रेस्क्यू टीम लगातार सक्रिय है। साथ ही प्रशासनिक स्तर से पूरे संवेदनशील क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामों में सतर्कता एवं जागरूकता के लिए चौपालें आयोजित की जा रही हैं। पूरे संवेदनशील क्षेत्र से अब तक 12 तेंदुओं का रेस्क्यू किया जा चुका है।

जिलाधिकारी ने बताया कि मुरादाबाद जनपद के कई थाना क्षेत्रों के कई गांव में बीते एक माह में तेंदुए कई लोगों काे और उनके जानवरों को अपना शिकार बना चुके हैं। इसके बाद से तेंदुए की सक्रियता ने विभिन्न क्षेत्रों के कई गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रखी थी। खेत में काम करने जाने वाले किसानों और चारा लेने जाने वाली महिलाओं को भी डर लग रहा था कि कब तेंदुआ उन पर हमला कर दे। हालांकि वन विभाग ने लाेगाें काे सतर्कता बरतने के साथ प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाने और पिंजरे लगाए थे।

इन्हीं पिंजराें मे से एक पिंजरे में शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे के आसपास वन विभाग की रेस्क्यू टीम को सूचना मिली कि ठाकुरद्वारा रेंज के अन्तर्गत ग्राम सहसपुरी में एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पहुंचकर उसे अपने कब्जे में लिया। तेंदुए के पिंजरे में कैद हो जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। अब उसके शारीरिक परीक्षण के बाद घने जंगल में छाेड़ा जाएगा, ताकि वह दाेबारा गांव की ओर न आ सके।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल