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गुरु के बिना लोक-परलोक का ज्ञान संभव नहीं : पंकज महाराज

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गुरु के बिना लोक-परलोक का ज्ञान संभव नहीं : पंकज महाराज


मीरजापुर, 31 अगस्त (हि.स.)। जिगना क्षेत्र स्थित बदेवरानाथ धाम में सोमवार को आयोजित सत्संग समारोह में बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान और सदाचार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना लोक और परलोक का वास्तविक ज्ञान संभव नहीं है। जीवन में तीन गुरु होते हैं। प्रथम माता-पिता, जिन्होंने जन्म दिया, दूसरे वे शिक्षक जिन्होंने पुस्तकीय ज्ञान दिया और तीसरे आध्यात्मिक गुरु, जो मनुष्य को जन्म-मरण और कर्मों का बोध कराते हैं।

संत पंकज जी महाराज ने कहा कि मनुष्य के भीतर ही परमात्मा के दर्शन का मार्ग मौजूद है। दोनों आंखों के मध्य जीवात्मा का निवास है और वहीं प्रभु दर्शन के लिए दिव्य आंख बताई गई है। इसी प्रकार प्रभु की वेदवाणी सुनने के लिए दिव्य कान है। उन्होंने कहा कि बुरे कर्मों की गंदगी के कारण ये आध्यात्मिक क्षमताएं बंद हो जाती हैं।

उन्होंने श्रद्धालुओं को ‘नाम योग साधना’ के तहत सुमिरन, ध्यान और भजन करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि नियमित साधना से मनुष्य को सच्चा मार्ग दिखाई देने लगता है और जीवन का उद्देश्य समझ में आता है। संत ने नशीले पदार्थों का त्याग कर शाकाहारी भोजन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शरीर स्वयं सबसे पवित्र मंदिर है, इसलिए जीवात्मा में परमात्मा का दर्शन करने का प्रयास करना चाहिए। आहार, विचार, संगति और वाणी को सात्विक रखने से जीवन सफल और धन्य बन सकता है।

सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान जिलाध्यक्ष घूरन प्रसाद, संगठन मंत्री एवं प्रवक्ता मोती लाल सिंह, ग्राम प्रशासक माहेश्वरी उपाध्याय, ओम प्रकाश उपाध्याय, एसके चौबे, रामखेलावन यादव, बब्बू प्रजापति आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा