home page

गुरु के बिना ज्ञान अधूरा, जीवन में नहीं मिलता सही मार्ग: महंत आनंद शेखर गिरी

 | 
गुरु के बिना ज्ञान अधूरा, जीवन में नहीं मिलता सही मार्ग: महंत आनंद शेखर गिरी


मीरजापुर, 29 जुलाई (हि.स.)। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पंचदशनाम जूना अखाड़ा के श्री महंत आनंद शेखर गिरी ने कहा कि गुरु का ज्ञान और शिक्षा ही मानव जीवन का वास्तविक आधार है। गुरु की कृपा के बिना मनुष्य अज्ञान रूपी अंधकार से मुक्त नहीं हो सकता और न ही जीवन का सही मार्ग प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने कहा कि मानव जीवन के निर्माण में गुरु की भूमिका सर्वोपरि है। गुरु ही व्यक्ति के भीतर व्याप्त अज्ञान, बुराइयों और भ्रम का नाश कर उसे सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक समाज और राष्ट्र निर्माण में गुरुओं का योगदान अतुलनीय रहा है।

महंत आनंद शेखर गिरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है। माता-पिता जन्म और संस्कार देते हैं, जबकि गुरु ज्ञान देकर जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। गुरु के बिना मनुष्य सत्य और असत्य, उचित और अनुचित का भेद नहीं समझ सकता।

उन्होंने कहा कि भारत की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा सृष्टि के आरंभ से चली आ रही है और हमारे इतिहास में इसके अनेक प्रेरणादायी उदाहरण मिलते हैं। गुरु का सम्मान करना और उनके बताए मार्ग पर चलना ही मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी से गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आदर का भाव बनाए रखने का आह्वान किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा