कथा वाचिका विशाखा की उपचार के दौरान मौत, परिजनों ने की जांच की मांग
मीरजापुर, 23 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र के देवरी गांव की 24 वर्षीया श्रीमद्भागवत कथा वाचिका विशाखा दुबे का शव सोमवार सुबह गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। परिजनाें ने उपचार में लापरवाही का आराेप लगाते हुए जांच की मांग की है।
बताया गया कि हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतका के भाई सचिन और विवेक ने कहा कि श्वास थमने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने 24 घंटे तक शव नहीं सौंपा और इलाज के नाम पर रोके रखा। काफी प्रयास के बाद शव परिवार को दिया गया।
विशाखा दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटी थीं। मात्र नौ वर्ष की उम्र में वह पिता के साथ वृंदावन चली गई थीं, जहां उन्होंने धार्मिक शिक्षा ग्रहण की। पिछले आठ वर्षों से वह श्रीमद्भागवत कथा वाचन कर रही थीं और कम उम्र में ही अपनी अलग पहचान बना ली थी। तीन वर्ष पूर्व उनकी माता का निधन हो चुका है। पिता रामधर दुबे साधु-संतों की सेवा में समय देते हैं। परिजन व ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

