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काशी सांसद स्केचिंग, पेंटिंग एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण समापन

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काशी सांसद स्केचिंग, पेंटिंग एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण समापन


वाराणसी, 20 अगस्त(हि. स.)। वाराणसी में सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में काशी सांसद स्केचिंग, पेंटिंग एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता-26 का भव्य एवं उत्साहपूर्ण समापन हुआ। प्रतियोगिता में काशी के हजारों बच्चों, युवाओं एवं प्रतिभागियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

समापन समारोह में विभिन्न आयु वर्गों—कक्षा एक से पांच, कक्षा छह से आठ, कक्षा नौ से 12 तथा कक्षा 12 से ऊपर सामान्य वर्ग—के विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों द्वारा मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि काशी के युवाओं और बच्चों में अद्भुत कलात्मक प्रतिभा है। ऐसे आयोजन उनकी प्रतिभा को पहचान देने और उसे निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि काशी केवल आध्यात्मिक एवं धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि संगीत, साहित्य, कला और ज्ञान की भी विश्वविख्यात राजधानी है। यहां की कला प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

इसके बाद राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल ने अभिभावकों से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से न करें। यदि किसी बच्चे की रुचि पेंटिंग, स्केचिंग, फोटोग्राफी, संगीत, खेल या किसी अन्य क्षेत्र में है, तो अभिभावकों को उसकी रुचि और प्रतिभा को समझते हुए उसे उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर बच्चे की क्षमता का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। किसी बच्चे का हुनर ही भविष्य में उसकी सबसे बड़ी पहचान बन सकता है।

समारोह को संबोधित करते हुए आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने काशी की कला परंपरा और प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले बच्चों की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक कलाकार अपनी कल्पना और दृष्टि से ऐसी रचना तैयार करता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत बन सकती है। धार्मिक चित्रों से लेकर भारतीय कला की महान परंपरा तक कलाकारों की कल्पना ने समाज की सांस्कृतिक चेतना को आकार दिया है।

समापन समारोह में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, प्रमील पाण्डेय, अमित विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आशुतोष पाण्डेय ने किया। समारोह का समापन बच्चों एवं उपस्थित जनसमुदाय के साथ ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / शरद