मां चौकिया धाम में 40 फीट का लाल फरहरा स्थापित, 90 साल पुरानी परंपरा का भव्य निर्वहन
जौनपुर, 25 मार्च (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद जौनपुर में चैत्र नवरात्र की सप्तमी के पावन अवसर पर बुधवार को मां चौकिया धाम में राजपूत राठौर परिवार द्वारा 40 फीट ऊंचा लाल फरहरा स्थापित कर लगभग 90 वर्षों पुरानी परंपरा को श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाया गया। इस विशाल फरहरे पर ‘जय मां शीतला’ अंकित रहता है, जो आस्था और विश्वास का प्रतीक है।
इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत जौनपुर रेलवे स्टेशन के भंडारी मोहल्ले से होती है, जहां से श्रद्धालु नंगे पांव यात्रा प्रारंभ करते हैं। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ यह शोभायात्रा जौनपुर जंक्शन, मील चौराहा और नई सब्जी मंडी होते हुए आगे बढ़ती है। मार्ग में श्रद्धालु पंचमुखी हनुमान मंदिर पर माथा टेकते हुए मां शीतला का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और फिर चौकिया धाम पहुंचते हैं। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से फरहरे को मां शीतला के गुंबद पर स्थापित करते हैं। इस दौरान हवन-पूजन और भक्ति भाव से दर्शन का आयोजन किया जाता है। मंदिर के महंत विवेकानंद पांडा ने सभी भक्तों को तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया और इस दिव्य आयोजन को ‘अद्भुत’ बताया।
मंदिर अध्यक्ष विकास पांडा समेत पांडा परिवार के सदस्यों ने राजपूत राठौर परिवार का स्वागत करते हुए इस परंपरा को ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण बताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

