जेठ की तपिश में धूप में खड़े मिले गोवंश, निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल
- संयुक्त निदेशक ने लगाई फटकार, अतिरिक्त टिनशेड और ईयर टैग लगाने के निर्देश
मीरजापुर, 15 मई (हि.स.)। हलिया क्षेत्र के महोगढ़ी और गलरा स्थित गो आश्रय स्थलों के निरीक्षण में शुक्रवार को व्यवस्थाओं की खामियां उजागर हो गईं। पशुपालन निदेशालय के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) डॉ. प्रदीप कुमार ने निरीक्षण के दौरान अधिकांश गोवंश बिना ईयर टैग के पाए जाने पर नाराजगी जताई। वहीं जेठ की चिलचिलाती धूप में खड़े मिले पशुओं को देखकर अधिकारियों को फटकार लगाई।
संयुक्त निदेशक ने बीडीओ विजय शंकर त्रिपाठी के साथ गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। महोगढ़ी गोशाला में भूसा और पोषाहार पर्याप्त मिला, लेकिन हरे चारे की व्यवस्था नहीं दिखी। वहीं गलरा गो आश्रय स्थल पर दोपहर में अधिकांश गोवंश खुले में धूप में खड़े मिले।
इस पर संयुक्त निदेशक ने पशु चिकित्साधिकारी कमलेश कुमार, नीलम सिंह और ग्राम सचिव मनोज गौतम को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल अतिरिक्त टिनशेड लगाने और पशुओं के लिए छांव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जब हरे चारे के बारे में पूछा गया तो प्रधान पति अरुण मिश्र ने बताया कि सुबह-शाम हरा चारा दिया जाता है। हालांकि संयुक्त निदेशक ने चरनी और पशुओं की स्थिति देखकर इस दावे पर सवाल उठाया। इसके कुछ देर बाद कर्मचारी ज्वार का हरा चारा लेकर गोशाला पहुंचे।
संयुक्त निदेशक ने कहा कि गोवंशों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बिना ईयर टैग वाले पशुओं को जल्द टैग करने और धूप से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

