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बलरामपुर : तीन दिन से लगातार बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त , दर्जनों स्थानों पर गिरे पेड़ व विद्युत पोल

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बलरामपुर : तीन दिन से लगातार बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त , दर्जनों स्थानों पर गिरे पेड़ व विद्युत पोल


बलरामपुर : तीन दिन से लगातार बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त , दर्जनों स्थानों पर गिरे पेड़ व विद्युत पोल


बलरामपुर : तीन दिन से लगातार बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त , दर्जनों स्थानों पर गिरे पेड़ व विद्युत पोल


बलरामपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश हाे रही है। जनपद बलरामपुर में तीन दिनों से हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। शनिवार को तेज हवा के चलते कई स्थानों पर विद्युत पोल और पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा शुक्रवार से ही आमजन को सतर्क रहने की अपील की जा रही है । जलभराव वाले स्थानों तथा नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

शनिवार सुबह से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन एवं पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह संभावित बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं। अधिकारियों ने तीनों तहसीलों बलरामपुर, तुलसीपुर एवं उतरौला में पहुंचकर बारिश से उत्पन्न स्थिति, विद्युत आपूर्ति, आवागमन तथा राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने बलरामपुर नगर क्षेत्र में बारिश और तेज हवा से हुई क्षति का निरीक्षण किया। पेड़ गिरने से बाधित विद्युत आपूर्ति एवं जलभराव की स्थिति का जायजा लेते हुए समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए। तुलसीपुर क्षेत्र में भी उन्होंने प्रभावित स्थानों का निरीक्षण कर विद्युत आपूर्ति और आवागमन शीघ्र सुचारू कराने को कहा। उतरौला तहसील क्षेत्र के भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी पिपरा घाट पहुंचे और राप्ती नदी के जलस्तर की स्थिति देखी। शनिवार सुबह 10 बजे नदी का जलस्तर 103.00 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से 1.620 मीटर नीचे है। चेतावनी स्तर 103.620 मीटर है। जिलाधिकारी ने नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करने तथा तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और नदी, नालों, जलभराव वाले स्थानों तथा क्षतिग्रस्त विद्युत तारों से दूरी बनाए रखें।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रभाकर कसौधन