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महिला शिक्षा और जनसेवा के प्रबल पक्षधर थे पंडित हरिशंकर तिवारी : आशुतोष मिश्र

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महिला शिक्षा और जनसेवा के प्रबल पक्षधर थे पंडित हरिशंकर तिवारी : आशुतोष मिश्र


महिला शिक्षा और जनसेवा के प्रबल पक्षधर थे पंडित हरिशंकर तिवारी : आशुतोष मिश्र


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महिला शिक्षा और जनसेवा के प्रबल पक्षधर थे पंडित हरिशंकर तिवारी : आशुतोष मिश्र


महिला शिक्षा और जनसेवा के प्रबल पक्षधर थे पंडित हरिशंकर तिवारी : आशुतोष मिश्र


गोरखपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्वांचल के प्रभावशाली जननेता स्वर्गीय पंडित हरिशंकर तिवारी की 91वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर जनसेवा, महिला शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में किए गए उनके योगदान को स्मरण किया।

समारोह में महाविद्यालय के व्यवस्थापक आशुतोष मिश्र मुख्य अतिथि, पूर्व प्रधानाचार्य लोरीटा याकूब विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम शुक्ला ने की, जबकि नर्सिंग विभाग के प्रधानाचार्य प्रकाश सिंह चौधरी ने समारोह का संचालन किया।

मुख्य अतिथि आशुतोष मिश्र ने कहा कि पं. हरिशंकर तिवारी का संपूर्ण सार्वजनिक जीवन जनहित, सामाजिक न्याय और जनसरोकारों के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने राजनीति को जरूरतमंद, वंचित और कमजोर लोगों की सहायता का प्रभावी माध्यम बनाया।

उन्होंने कहा कि पं. तिवारी महिला शिक्षा के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील एवं समर्पित थे। उनका विश्वास था कि बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाए बिना किसी समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। महिला शिक्षा के विस्तार और सामाजिक सम्मान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रेरणा प्रदान करती है।

विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व प्रधानाचार्य लोरीटा याकूब ने कहा कि पं. हरिशंकर तिवारी ने बालिकाओं की शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला माना।

अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. पूनम शुक्ला ने कहा कि पं. हरिशंकर तिवारी पूर्वांचल के सामाजिक और राजनीतिक जीवन के ऐसे प्रभावशाली व्यक्तित्व थे, जिन्होंने लंबे समय तक आमजन के अधिकारों, सम्मान और समस्याओं को मुखर स्वर प्रदान किया। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक परिस्थितियों, तकनीकी बदलावों और डिजिटल माध्यमों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान के साथ सजगता और आत्मविश्वास का होना भी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पं. तिवारी की विरासत केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं है। वह जनआस्था, स्वाभिमान, संघर्ष, महिला शिक्षा और लोकसेवा की ऐसी प्रेरणादायी धरोहर है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सदैव प्रेरित करती रहेगी।

कार्यक्रम संचालन करते हुए नर्सिंग विभाग के प्रधानाचार्य प्रकाश सिंह चौधरी ने पं. हरिशंकर तिवारी के जीवन, जनसेवा और महिला शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारकर ही दी जा सकती है।

जयंती समारोह के साथ छात्राओं के लिए विशेष साइबर जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। साइबर एक्सपर्ट पुलिस उप निरीक्षक वैभव विश्वकर्मा, निशी श्रीवास्तव, प्रगति यादव व शिवानी मौर्या ने छात्राओं को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर की जाने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी पुलिस एवं जांच एजेंसी बनकर किए जाने वाले वीडियो कॉल, धमकी देकर धन हस्तांतरण कराने और गोपनीय जानकारी प्राप्त करने जैसे साइबर अपराधों के विषय में विस्तार से जानकारी दी।

पुलिसकर्मियों ने बताया कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई वैधानिक व्यवस्था नहीं है। किसी भी संदिग्ध कॉल से भयभीत होकर बैंक खाता संख्या, ओटीपी, पासवर्ड, आधार कार्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल पुलिस अथवा साइबर अपराध शाखा को सूचना देने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं ने पं. हरिशंकर तिवारी के जनसेवा, महिला शिक्षा और सामाजिक उत्थान के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय एवं नर्सिंग संस्थान के शिक्षक-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी ने पं. हरिशंकर तिवारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जनसेवा, महिला शिक्षा और सामाजिक उत्थान के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर अलका चौधरी, डॉ. शीला त्रिपाठी, डॉ. रेनू गौर, तृप्ति सिंह, अर्पिता त्रिपाठी, सरोज मिश्रा, रिंकू कुशवाहा, शालिनी त्रिपाठी, रामदेव, प्रतिमा त्रिपाठी, गरिमा सिंह एवं सिंधुजा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहें।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय