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गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, मां विंध्यवासिनी के दरबार में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की भीड़

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गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, मां विंध्यवासिनी के दरबार में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की भीड़


मीरजापुर, 29 जुलाई (हि.स.)। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर बुधवार को विश्व विख्यात मां विंध्यवासिनी धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंगला आरती से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दर्शन के लिए लगी रहीं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, करीब साढ़े तीन लाख श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगल की कामना की। भोर होते ही पूरा विंध्यधाम जय मां विंध्यवासिनी के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु हाथों में चुनरी, नारियल और प्रसाद लेकर मां के दरबार में पहुंचे। घंटों इंतजार के बाद जैसे ही दर्शन का अवसर मिला, भक्त भाव-विभोर होकर मां के चरणों में नतमस्तक हो गए। मंदिर परिसर में शंखनाद, घंटियों की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, बैरिकेडिंग, यातायात तथा दर्शन व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे मेले की निगरानी लगातार की जाती रही, जिससे श्रद्धालुओं को बिना किसी अव्यवस्था के दर्शन का लाभ मिला। मंदिर परिसर और आसपास के बाजारों में दिनभर रौनक बनी रही तथा प्रसाद, फूल और पूजन सामग्री की दुकानों पर अच्छी खरीदारी हुई। गुरु पूर्णिमा पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां के चरणों में श्रद्धा अर्पित करने से ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। यही कारण है कि पूर्वांचल ही नहीं, देश के विभिन्न राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पर्व पर विंध्यधाम पहुंचते हैं। वर्षों पुरानी यह परंपरा आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक बनी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा