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बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी योगी सरकार, राहत अभियानों के तहत 3.36 लाख लंच पैकेट वितरित

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बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी योगी सरकार, राहत अभियानों के तहत 3.36 लाख लंच पैकेट वितरित


-16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, 23 जिलों में लगातार चला राहत-बचाव कार्य

-लगभग 1500 नावों/मोटरबोट्स से दिन-रात जारी है बचाव अभियान, भोजन से स्वास्थ्य तक राहत का पूरा इंतजाम

-5.02 लाख क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए गए

-इंसान से लेकर पशुधन तक मदद के सभी इंतजाम, क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता राशि जारी

लखनऊ, 02 सितंबर (हि.स.) अपडेट। उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान को पूरी ताकत के साथ जारी रखा है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के साथ बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। 1,499 नाव एवं मोटरबोट राहत-बचाव में लगाई गई हैं और अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं।

23 जिलों में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय

उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त के मुताबिक 35 जिले अब तक बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 23 जिलों में अब भी इसका असर है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी में युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य चल रहा है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी और तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

बचाव अभियान के तहत अब तक बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बुधवार को ही 3,042 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। जलमग्न क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए नावों और मोटरबोट्स का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन बाधित होने के बावजूद राहत टीमों की पहुंच सुनिश्चित की गई है। अब तक 1,499 नावों एवं मोटरबोट्स का प्रयोग किया जा चुका है। इससे बचाव दलों को प्रभावित गांवों और जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने तथा जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में मदद मिल रही है।

प्राथमिकता पर भोजन व्यवस्था कर रही सरकार

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। इससे प्रभावित परिवारों को आपदा के बीच तत्काल खाद्य सहायता मिल रही है। सभी क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण जरूरत के मुताबिक लगातार जारी है।

स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी विशेष जोर

बाढ़ के बाद दूषित पानी से संक्रमण और जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए योगी सरकार ने स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी राहत अभियान का अहम हिस्सा बनाया है। अब तक 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 1,067 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए अब तक 1,311 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 201 वर्तमान में संचालित हैं।

पशुधन और मकानों की क्षति पर सहायता

योगी सरकार का राहत अभियान केवल लोगों तक सीमित नहीं है। बाढ़ से अब तक 36,287 पशु प्रभावित हुए हैं और उनके लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ से मकान क्षतिग्रस्त होने के 442 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है। राहत-बचाव के साथ क्षति का आकलन और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का काम लगातार जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा