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‘उन्नति’ से शिक्षकों को मजबूत करेगी योगी सरकार, शिक्षक प्रशिक्षण को मिलेगी नई धार

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‘उन्नति’ से शिक्षकों को मजबूत करेगी योगी सरकार, शिक्षक प्रशिक्षण को मिलेगी नई धार


लखनऊ, 14 अगस्त (हि.स.)। शिक्षक प्रशिक्षण को कितना प्रभावी बनाया जाए कि उसका वास्तविक लाभ शिक्षक की तैयारी और बच्चों की सीख तक पहुंचे ? इसी सवाल को केंद्र में रखते हुए योगी सरकार ने शिक्षक क्षमता-विकास को तकनीक आधारित निगरानी और अकादमिक गुणवत्ता से जोड़ते हुए ‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को नई दिशा दी है।

‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सके और प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त शैक्षणिक समझ एवं प्रभावी शिक्षण पद्धतियां अगले स्तर तक पहुंचते समय कमजोर न पड़ें। एफएलएन और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों की अकादमिक क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।

‘उन्नति’ से कम होगा कैस्केड लॉस

‘उन्नति’ (यूनिफाइड नेटवर्क फॉर नर्चरिंग एकेडमिक ट्रेनिंग एंड इनोवेशंस) शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने वाली ऑनलाइन पर्यवेक्षण व्यवस्था है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना और कैस्केड लॉस को न्यूनतम करना है, ताकि प्रशिक्षण की मूल विषयवस्तु, शैक्षणिक समझ और प्रभावी शिक्षण पद्धतियां एक स्तर से दूसरे स्तर तक पहुंचते समय कमजोर न पड़ें। ऑनलाइन पर्यवेक्षण के माध्यम से प्रशिक्षण की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ सामने आने वाली प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को समझने में भी मदद मिलेगी। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उसके प्रभाव को बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।

एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर

प्रशिक्षण में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) को मजबूत करने के साथ एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर और कक्षा की जरूरत के अनुरूप पाठ्यपुस्तक की विषयवस्तु को गतिविधियों एवं प्रभावी शिक्षण प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करने के साथ शिक्षक की शिक्षण क्षमता को और प्रभावी बनाना है।

तकनीक से होगी प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी

प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय के अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं कंसल्टेंट्स द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन पर्यवेक्षण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक प्रशिक्षण हॉल में हाई-रिजॉल्यूशन वेब कैमरा उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। प्रतिभागियों की आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई देने के लिए माइक्रोफोन/साउंड सिस्टम तथा ऑनलाइन कनेक्टिविटी के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

हर बैच का अलग लिंक, बीईओ करेंगे समन्वय

ऑनलाइन पर्यवेक्षण के लिए प्रत्येक प्रशिक्षण बैच का अलग लिंक होगा। यह लिंक खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जनरेट किया जाएगा और प्रशिक्षण शुरू होने से दो दिन पूर्व संबंधित माध्यमों से उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रत्येक बैच की प्रशिक्षण गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर रहेगा फोकस

‘उन्नति’ की व्यवस्था शिक्षक प्रशिक्षण को केवल एक निर्धारित कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उसकी गुणवत्ता और प्रभावशीलता की निरंतर निगरानी से जोड़ती है। एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण के साथ ऑनलाइन पर्यवेक्षण से प्रशिक्षण की मूल अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और शिक्षकों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

योगी सरकार का फोकस शिक्षक की तैयारी, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और बच्चों की सीख—तीनों को एक साथ मजबूत करने पर है। तकनीक आधारित ऑनलाइन पर्यवेक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षक प्रशिक्षण का वास्तविक प्रभाव प्रशिक्षण कक्ष तक सीमित न रहे, बल्कि शिक्षक की शैक्षणिक दक्षता और बच्चों के सीखने के परिणामों में दिखाई दे।

बेसिक शिक्षक राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाकर उसकी गुणवत्ता का सीधा लाभ बच्चों की सीख तक पहुंचाना है। ‘उन्नति’ के माध्यम से प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी को मजबूत किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और शिक्षक की क्षमता दोनों बेहतर होंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक