सरस्वती शिशु मंदिर में 'विश्व रेड क्रॉस दिवस' पर बच्चों काे पढ़ाया गया मानव सेवा ही माधव सेवा का पाठ
गोरखपुर, 08 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद गोरखपुर में सरस्वती शिशु मंदि रेलविहार राप्तीनगर में शुक्रवार को विश्व रेड क्रॉस दिवस मनाया गया; इस अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती के पूजन के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता बहन क्षमा ने अपने ओजस्वी विचारों से भैया बहनों को संबोधित किया। उन्होंने कहा मानव सेवा ही माधव सेवा है। रेड क्रॉस दिवस हमें याद दिलाता है कि युद्ध हो या प्राकृतिक आपदा, निस्वार्थ सेवा ही मानवता को जीवित रखती है। उन्होंने छात्रों को प्राथमिक चिकित्सा के महत्व और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने के कौशल के बारे में विस्तार से समझाया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद सिंह राठौर ने रेड क्रॉस संस्था के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट के विजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा रेड क्रॉस केवल एक संगठन नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक वैश्विक संकल्प है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का कथन है नर सेवा नारायण सेवा यह हमारी संस्कृति का ध्येय मार्ग है। उन्होंने कलिंग युद्ध का उदाहरण देते हुए बताया कि मौर्य सम्राट अशोक भी युद्ध में हुए भीषण रक्तपात को देख के उसका मन द्रवित हो गया जिसके कारण वह महात्मा बुद्ध के बताए मार्ग अहिंसा परमो धर्मों को आत्मसात कर मानवता की सेवा करने को अग्रसर हुआ।
कार्यक्रम का कुशल संचालन और आभार ज्ञापन प्रेम सागर द्वारा किया गया। उन्होंने अत्यंत संक्षिप्त और प्रभावी ढंग से रेड क्रॉस के ऐतिहासिक महत्व को साझा किया। उन्होंने कहा संकट के समय आशा की किरण बनना ही रेड क्रॉस का ध्येय है और आज का यह बौद्धिक विमर्श हमारे छात्रों के वैचारिक उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर समस्त आचार्य,आचार्या और भैया, बहिन उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

