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समय पर जांच से कैंसर का इलाज संभव, लक्षणों को नजरअंदाज न करें : डॉ. तरुण कांति राजन

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समय पर जांच से कैंसर का इलाज संभव, लक्षणों को नजरअंदाज न करें : डॉ. तरुण कांति राजन


समय पर जांच से कैंसर का इलाज संभव, लक्षणों को नजरअंदाज न करें : डॉ. तरुण कांति राजन


समय पर जांच से कैंसर का इलाज संभव, लक्षणों को नजरअंदाज न करें : डॉ. तरुण कांति राजन


गोरखपुर, 08 अगस्त (हि.स.)। कैंसर एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन यदि समय रहते इसकी पहचान कर ली जाए तो इसका सफल उपचार संभव है। शरीर की कोशिकाओं के डीएनए में होने वाले परिवर्तन को कैंसर के प्रमुख कारणों में माना जाता है। इसलिए किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है।

यह बातें हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गीताजी वाटिका, गोरखपुर के कैंसर चिकित्सक डॉ. तरुण कांति राजन ने शनिवार को सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज गोरखपुर में आयोजित कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में कहीं।

कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डॉ. राजन ने कहा कि कैंसर कई प्रकार का होता है। इनमें फेफड़े, प्रोस्टेट, स्तन, त्वचा, किडनी, सर्वाइकल, रक्त, ओरल, गले का कैंसर तथा ब्रेन ट्यूमर प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में बीमारी शुरुआती दौर में स्पष्ट लक्षण नहीं देती और मरीज को इसकी जानकारी तब होती है, जब बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी होती है। ऐसे में सामान्य दिखने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को भी लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

स्तन में गांठ हो तो चिकित्सकीय सलाह जरूरी

डॉ. राजन ने महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति विशेष रूप से जागरूक करते हुए कहा कि स्तन में गांठ बनना एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। हालांकि हर गांठ कैंसर नहीं होती, फिर भी किसी भी गांठ या असामान्य बदलाव की स्थिति में चिकित्सकीय जांच आवश्यक है। कार्यक्रम में छात्राओं एवं महिलाओं को स्तन की स्वयं जांच करने की तकनीक भी समझाई गई। उन्हें नियमित रूप से स्वयं परीक्षण करने और किसी प्रकार की गांठ, दर्द अथवा असामान्य परिवर्तन महसूस होने पर तत्काल कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह दी गई।

उन्होंने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों और महिलाओं में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर बचाव के उपाय अपनाकर कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।

तंबाकू और अस्वस्थ जीवनशैली से बढ़ रहा कैंसर का खतरा

कार्यक्रम संयोजक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदूषण, खराब पोषण, अव्यवस्थित दिनचर्या और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से गुटखा, खैनी, जर्दा, दोहरा, बीड़ी और सिगरेट जैसे तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को सचेत किया।

उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों में मुंह और गले के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। शराब का सेवन भी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए लोगों को इन हानिकारक पदार्थों से दूर रहना चाहिए, ताकि जीवन के लिए बनाए गए शौक ही आगे चलकर शोक का कारण न बन जाएं।

भ्रांतियों से बचें, समय पर कराएं जांच

वक्ताओं ने कहा कि कैंसर को लेकर समाज में अभी भी कई तरह की भ्रांतियां हैं, जिनके कारण लोग समय पर जांच और उपचार कराने से बचते हैं। परिणामस्वरूप बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान होने पर उपचार की संभावनाएं बेहतर रहती हैं, जबकि इलाज में देरी स्थिति को गंभीर बना सकती है।

कार्यक्रम के दौरान कैंसर जागरूकता से संबंधित आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) सामग्री, जिसमें फ्लिपबुक, पोस्टर, लीफलेट और चित्रयुक्त पैम्फलेट शामिल थे, का वितरण किया गया। आयोजकों ने कहा कि इन सामग्रियों के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने आसपास के लोगों को भी कैंसर से बचाव एवं शुरुआती पहचान के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार राय, डॉ. तरुण कांति राजन, अजय श्रीवास्तव, मंतोष बारी, बृजेश पाण्डेय सहित कॉलेज के शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय