अहंकार छोड़ें, भगवान का स्मरण ही सच्चा सहारा : संतोष दास महाराज
- गोनौरा में भागवत कथा
मीरजापुर, 26 अप्रैल (हि.स.)। जिगना क्षेत्र के गोनौरा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को प्रयागराज से पधारे संतोष दास महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पाप का पश्चाताप कर अधर्म का त्याग करने वाला व्यक्ति जीवन में धन्य हो जाता है। सच्चे मन से सत्पथ अपनाने वाला इंसान जीवन के कष्टों से मुक्त होकर परम धाम का अधिकारी बनता है।
कथावाचक ने द्रौपदी चीरहरण प्रसंग सुनाते हुए बताया कि संकट के समय केवल भगवान का स्मरण ही सच्चा सहारा होता है। जब तक मनुष्य अन्य सहारों पर निर्भर रहता है, तब तक ईश्वर की कृपा पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होती।
महाभारत के उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने अहंकार से दूर रहने की सीख दी और कहा कि संतों का अपमान करने से पुण्य क्षीण हो जाता है, जिससे विनाश का मार्ग प्रशस्त होता है।
कार्यक्रम में यजमान शिवदेवी, स्वामीनाथ सिंह, रेनू सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

