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कृष्ण-सुदामा जैसी मित्रता संसार में दुर्लभ : पं. प्रभानाथ

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कृष्ण-सुदामा जैसी मित्रता संसार में दुर्लभ : पं. प्रभानाथ


मीरजापुर, 07 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के ड्रमंडगंज क्षेत्र के महुगढ़ी गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन शनिवार को हुआ। अंतिम दिन कथावाचक पंडित प्रभानाथ मिश्र ने भगवान श्रीकृष्ण के जाम्बवंती और सत्यभामा से विवाह, कृष्ण-सुदामा मित्रता तथा राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कथावाचक ने कहा कि कृष्ण और सुदामा जैसी मित्रता संसार में दुर्लभ है। पत्नी सुशीला के कहने पर जब सुदामा द्वारिकापुरी पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण को उनके आने की सूचना मिली तो वे सुध-बुध खोकर उनसे मिलने दौड़ पड़े। सुदामा की दीन दशा देखकर भगवान की आंखों से अश्रुधारा बहने लगी। उन्होंने अपने परममित्र को गले लगाया और उनका आदर-सत्कार किया।

उन्होंने कहा कि शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई थी, जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। भागवत कथा के श्रवण से अज्ञानता का नाश होता है और मनुष्य को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस दौरान राम सुधार शर्मा, श्यामलाल शर्मा, आचार्य शिवचरण त्रिपाठी, पंडित सूर्य प्रकाश मिश्र, नर्वदा प्रसाद मिश्र, विजय बहादुर सिंह और लालमणि पाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा