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बाढ़ प्रभावितों की मदद में योगी सरकार का राहत तंत्र मुस्तैद, 17 हजार 544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

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बाढ़ प्रभावितों की मदद में योगी सरकार का राहत तंत्र मुस्तैद, 17 हजार 544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया


लखनऊ, 04 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत एवं बचाव अभियान लगातार युद्धस्तर पर जारी है। उत्तर प्रदेश के बाढ़ राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ का असर रहा। करीब 3.53 लाख आबादी प्रभावित होने के बावजूद राहत एवं बचाव तंत्र की सक्रियता से अब तक कोई जन या पशु हानि नहीं दर्ज की गई है। प्रभावितों को 72 हजार 897 बाढ़ राहत किट और 3.67 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 17 हजार 544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। अभी लगभग पांच हजार लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं। प्रदेश में कुल एक हजार 312 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं।

राहत और बचाव अभियान को प्रभावी बनाने के लिए एक हजार 634 बाढ़ चौकियां, एक हजार 697 नाव-मोटरबोट और एक हजार 068 मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी के साथ जरूरतमंद लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाई जा रही है।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि योगी सरकार के राहत अभियान में प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामग्री पहुंचाने पर विशेष जोर है। अब तक 72 हजार 897 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और तीन लाख 67 हजार 551 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए पांच हजार कुंतल से अधिक भूसा वितरित किया जा चुका है। स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.87 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ से 45 हजार से अधिक पशु प्रभावित हैं लेकिन अभी तक किसी पशु की मृत्यु नहीं हुई है। इसी तरह जनहानि की भी कोई सूचना नहीं मिली है।

बाढ़ प्रभावित जिले

अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला