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यूपी में होगी पांच नये आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय की स्थापना

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यूपी में होगी पांच नये आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय की स्थापना


लखनऊ, 08 जून (हि.स.)। योगी सरकार आयुष चिकित्सा प्रणाली को मजबूत बनाने और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ने पांच नए एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालयों की स्थापना का निर्णय लिया है। ये आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय गोंडा, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में स्थापित किए जाएंगे। यहां पर विद्यार्थियों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

चार मंडलों में जमीन पहले से उपलब्धप्रमुख सचिव, आयुष रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को भी मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सस्ती तथा प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय के लिए पांच मंडलों में जमीन को चिन्हित कर लिया गया है। देवीपाटन मंडल में गोंडा के विकास खंड वजीरगंज के ग्राम कोडर में लगभग 14.82 एकड़ भूमि, मीरजापुर मंडल में सदर तहसील के ग्राम अकोढ़ी में 13.83 एकड़ भूमि, मेरठ मंडल के लिए गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील के ग्राम सैदपुर हुसैनपुर डलना में 11 एकड़ भूमि, आगरा मंडल में किरावली तहसील के ग्राम अकबरा में 13.5 एकड़ भूमि और बस्ती मंडल में हर्रैया तहसील के ग्राम जोगापुर में 15 एकड़ भूमि महाविद्यालय की स्थापना के लिए चिन्हित की गयी है। इनमें से चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज है, जबकि बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि सभी पांच मंडलों में आयुष महाविद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध हो गयी है। वहीं वर्तमान में राजकीय एकीकृत आयुष महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का नक्शा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नए आयुष महाविद्यालय केवल शिक्षा संस्थान नहीं होंगे, बल्कि शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे। यहां आयुर्वेदिक औषधियों, योग चिकित्सा, जीवनशैली आधारित उपचार और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन