ताप बिजली घरों के निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों का उग्र विरोध, अलीगढ़ व हरदुआगंज में प्रदर्शन
अलीगढ़, 25 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर चल रहे प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान के तहत शनिवार को अलीगढ़ एवं हरदुआगंज ताप बिजलीघरों में सैकड़ों बिजलीकर्मियों, अभियंताओं और कर्मचारियों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदेश के अन्य जनपदों में भी विरोध सभाओं का क्रम पूर्ववत जारी रहा, जिससे स्पष्ट है कि बिजली कर्मियों में निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पनकी एवं जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल वापस नहीं ली गई तथा आंदोलन के चलते बिजलीकर्मियों पर की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को समाप्त नहीं किया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की होगी।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन का शीर्ष प्रबंधन और ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारी सुनियोजित तरीके से निजीकरण को आगे बढ़ा रहे हैं और कर्मचारियों का उत्पीड़न कर कार्यस्थल का माहौल खराब कर रहे हैं। यह न केवल औद्योगिक शांति भंग करने वाला कदम है, बल्कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को भी संकट में डालने वाला है।
संघर्ष समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भीषण गर्मियों के दौरान जब उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग अपने चरम पर होती है, उस समय प्रदेश के बिजली कर्मी पूरी निष्ठा के साथ उपभोक्ताओं और किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके विपरीत प्रबंधन टकराव की स्थिति पैदा कर रहा है, जिससे यह प्रतीत होता है कि जान-बूझकर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश की जा रही है।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि पनकी एवं जवाहरपुर ताप बिजलीघरों के परिचालन एवं अनुरक्षण कार्य को यूनिफाइड टेंडर के माध्यम से 25 वर्षों के लिए निजी हाथों में सौंपने के निर्णय के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए संघर्ष समिति की कोर कमेटी की आपातकालीन बैठक 26 अप्रैल रविवार को बुलाई गई है। इस बैठक में आगे के आंदोलन की घोषणा एवं नोटिस जारी किया जाएगा।
हरदुआगंज ताप बिजलीघर एवं अलीगढ़ में आयोजित विरोध सभाओं को मुख्य रूप से संजय सिंह चौहान, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, महेन्द्र राय, मोहम्मद वसीम, राहुल बाबू कटियार सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया और निजीकरण के खिलाफ एकजुट संघर्ष का आह्वान किया।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मी किसी भी स्थिति में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे और जनहित में इस निजीकरण के निर्णय को वापस कराने तथा उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां समाप्त करने तक आंदोलन जारी रहेगा। यह जानकारी समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने दी।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

