उत्तर प्रदेश में ईद की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न, सुरक्षा के रहें कड़े बंदोबस्त
लखनऊ, 21 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में ईद-उल-फितर (ईद) के पर्व पर होने वाली नमाज शनिवार को पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। ईद की नमाज और त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। ईद की नमाज काे लेकर लखनऊ समेत प्रदेश के संवेदनशील जिलों, संभल, बरेली, अलीगढ़, मेरठ, आजमगढ़, बहराइच, कानपुर, प्रयागराज बनारस, मथुरा आदि जिलों में पुलिस ने पूरी सतर्कता बरती और बिना किसी अव्यवस्था के नमाज अदा कराई। इस दौरान नमाज स्थलों, मस्जिदों व ईदगाहों में ड्रोन और पुलिस का कड़ा पहरा रहा। वहीं नमाज के दौरान यातायात मार्ग में भी बदलाव किए गये थे। नमाज सम्पन्न होने के बाद जिला व पुलिस प्रशासन ने नमाजियों को सौहार्दपूर्ण तरीके से ईद का पर्व एक दूसरे के साथ खुशियां बांटकर मानने की मुबारकबाद दी।
लखनऊ के संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि ईद की नमाज शहर के लगभग 94 ईदगाह और 1200 से अधिक मस्जिदों में पढ़ी गई। इन जगहों पर सुरक्षा की दृष्टि से एक पुलिस उपायुक्त, 05 अपर पुलिस उपायुक्त 10 सहायक पुलिस आयुक्त, 47 निरीक्षक, 456 उपनिरीक्षक, 606 सिपाही तैनात रहे। यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए एक अपर पुलिस उपायुक्त, तीन सहायक पुलिस आयुक्त, छह निरीक्षक, 33 उपनिरीक्षक 54 होमर्गाड और 102 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगायी गई थी। इसके अलावा अतिरिक्त 14 कपंनी पीएसी एवं एलआईयू की टीमें भी मौजूद रहते हुए नमाज अदा कराने तक निगरानी बनाए रहे।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से शहर को पांच जोन और 18 सेक्टरों में बांटा गया था। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गये थे। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल के अलावा सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी गई। नमाज स्थलों पर भी कैमरे और जरूरत पढ़ने पर ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता रहा। इस दौरान सुबह से ही सोशल मीडिया की टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया था, जो अफवाह व भ्रामक सूचनाओं पर नजर बनाए रहीं। स्थानीय थाना पुलिस इलाकों में भ्रमण कर लोगों से अपील की जाती रही कि त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। किसी भी हालत में कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसका विशेष ध्यान रखा गया था। धार्मिक गुरुओं ने भी लोगों से अपील की गई थी कि सड़क पर नमाज न अता करें।
वाराणसी में सड़कों पर नहीं दिखी भीड़
वाराणसी में लगभग 415 मस्जिदें और 11 ईदगाह हैं। इसमें 410 मस्जिदों में नमाज पढ़ी गई। कुछ मस्जिदों में जगह कम होने के कारण बाहर गलियों में भी नमाज पढ़ते हैं, जिसको लेकर जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं पूर्ण की ली थी। वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सड़क और गली में नमाज पढ़ने वालों पर विशेष निगरानी रखी गई, जिसके चलते कहीं भी ऐसा नहीं देखने को मिला। शहर की प्रमुख मस्जिद ज्ञानवापी में सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय सुरक्षा बल की टीमों की तैनाती रही। कुछ और मस्जिदें जैसे आलमगीर मस्जिद (धरहरा मस्जिद), नदेसर की जामा मस्जिद, मदनपुरा की सागरा मस्जिद में कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज अदा कराई गई।
रामपुर जिले में कड़ी सुरक्षा में नमाज हुई अदा
रामपुर जिले के अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि जिले में तकरीबन 1200 मस्जिदों और 179 ईदगाह में नमाज अदा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। सुरक्षा की दृष्टि से जिले को छह जोन और 16 सेक्टर में बांट दिया गया था। सभी जोन और सेक्टर प्रभारी के अतिरिक्त 21 निरीक्षक, 189 उप निरीक्षक, 750 आरक्षी और 250 होमगार्ड तैनात रहें और कहीं भी अव्यवस्था की बात सामने नहीं आई।
प्रदेश के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलो में मुस्तैदी का दिखा असर
ईद के त्योहार के मद्देनजर रखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस अलर्ट मोड रहा। संवेदनशील जिलाें संभल, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अलीगढ़, शामली, बरेली, आजमगढ़ में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। शासन ने सभी त्योहारों को सद्भाव के माहौल में संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम पूर्व में ही करा लिए थे। जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से स्पष्ट और सख्त संदेश दिया गया था कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा, उसका असर भी दिखा और प्रदेश में कहीं भी नमाज अदा करने के दौरान या बाद में अशांति की बात सामने नहीं आई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

