home page

मीरजापुर: स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद तेज, शासन से आई टीम ने किया मुआयना

 | 
मीरजापुर: स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद तेज, शासन से आई टीम ने किया मुआयना


- नियमित कूड़ा उठान और स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण व बेहतर प्रबंधन स्वच्छ शहर की बुनियाद

- कूड़ा उठान, प्रबंधन और निस्तारण की व्यवस्था परखी, स्वच्छता के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील

मीरजापुर, 19 सितंबर (हि.स.)।व्यापारिक और पर्यटन दृष्टि से समृद्ध ऐतिहासिक मीरजापुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर नगर की स्वच्छता व्यवस्था पर अब शासन की सीधी नजर है। शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन नगरीय के तहत शासन स्तर से पहुंची टीम ने नगर पालिका परिषद क्षेत्र में सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की। घर-घर कूड़ा उठान से लेकर कूड़े के पृथक्करण, एमआरएफ सेंटर और फोर-बिन सेग्रीगेशन तक की व्यवस्था परखी। सरदार वल्लभ भाई पटेल चौराहा सुंदरीकरण, सार्वजनिक शौचालय और सीटीयू प्वाइंट का भी निरीक्षण कर अधिकारियों ने जमीनी स्थिति की जानकारी ली।

शासन स्तर से आई टीम में शामिल स्वच्छ भारत मिशन नगरीय के सहायक अभियंता शिवम सिंह, एम एंड ई गौरव पांडेय, डिविजनल अधिकारी सूर्यप्रकाश यादव ने देखा कि शहर में घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कूड़े का उठान किस तरह हो रहा है और गीले-सूखे कचरे को अलग करने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। एमआरएफ सेंटर पर पहुंचकर ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन और निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमित कूड़ा उठान के साथ स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण और उसका बेहतर प्रबंधन स्वच्छ शहर की बुनियाद है। इस दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में और सुधार के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान डीपीएम संजय सिंह, सीएसआई मनोज सेठ, एसबीएम टीम, आईईसी टीम आदि मौजूद रहे।

महावीर पार्क में चला सफाई अभियान

निरीक्षण के बाद शासन और नगर पालिका की टीम घोड़े शहीद स्थित महावीर पार्क पहुंची। यहां स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया गया। पार्क में साफ-सफाई कराकर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर किया गया। साथ ही उपस्थित लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘सेवा ही संकल्प’ का संदेश दिया गया।

शहर को स्वच्छ रखने की शुरुआत घर और मोहल्ले से हो

अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि शहर को स्वच्छ रखने की शुरुआत घर और मोहल्ले से होनी चाहिए। कूड़ा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित व्यवस्था के तहत नगर पालिका की कूड़ा उठान व्यवस्था को सहयोग दिया जाए और गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग रखा जाए। नागरिकों की भागीदारी से ही शहर की स्वच्छता व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया जा सकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा