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कानपुर में ऑटो चालकों से लाखों रुपये वसूले, फिर भी समस्याएं दूर न होने पर चालकों ने नगर आयुक्त को सौंपा मांगपत्र

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कानपुर में ऑटो चालकों से लाखों रुपये वसूले, फिर भी समस्याएं दूर न होने पर चालकों ने नगर आयुक्त को सौंपा मांगपत्र


कानपुर, 19 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों को पिछले कुछ महीनों से हो रही प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और आर्थिक शोषण के विरोध में ई-रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को मांगपत्र सौंपकर सौंपा। संगठन का आरोप है कि नगर निगम एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए रूट निर्धारण एवं क्यूआर रजिस्ट्रेशन अभियान के नाम पर चालकों से जबरन शुल्क वसूला गया, जबकि वर्तमान में वह पूरी व्यवस्था ही ठप कर दी गई है।

यूनियन अध्यक्ष मोहम्मद इरफान ने बताया कि कुछ महीने पूर्व नगर निगम और यातायात पुलिस के संयुक्त संचालन में ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों के लिए रूट निर्धारण और क्यूआर कोड आधारित पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया गया था। इस प्रक्रिया के अंतर्गत प्रत्येक चालक से 120 रुपये की शुल्क राशि वसूली गई। प्रशासनिक दबाव और वाहन संचालन बंद होने के डर से कुल 12,136 चालकों ने बाध्य होकर पंजीकरण कराया, जिससे कुल 14 लाख 56 हजार 320 रुपये की भारी धनराशि जमा हुई।

संगठन का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम वसूलने के बावजूद आज स्थिति यह है कि शहर में रूट निर्धारण व्यवस्था पूरी तरह से धरातल से गायब हो चुकी है। चालकों का कहना है कि संबंधित विभागों के अधिकारी अब स्वयं यह स्वीकार कर रहे हैं कि इस नियम पर कोई आगे कार्य नहीं किया जाएगा। इससे साफ प्रतीत होता है कि चालकों से वसूली गई राशि का कोई औचित्य नहीं रह गया है और उन्हें आर्थिक रूप से ठगा गया है।

संगठन ने मांग की है कि या तो रूट निर्धारण और क्यूआर व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से पुनः लागू किया जाए अथवा चालकों से वसूला गया शुल्क वापस किया जाए। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया तो ई-रिक्शा एवं ऑटो चालक मजबूर होकर अपना वाहन संचालन बंद कर उग्र आंदोलन करेगा। वहीं नगर आयुक्त ने कहा कि इस मामले को लेकर यातायात विभाग से बातचीत कर जल्द से जल्द समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप