जिलाधिकारी ने किया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण, कमियां मिलने पर हुए नाराज
फिरोजाबाद, 22 अप्रैल (हि.स.)। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य के साथ टूण्डला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टूण्डला का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कमियां मिलने पर इन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर से दवा लिखने की शिकायत नहीँ मिलनी चाहिए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की गहनता से पड़ताल की, अस्पताल मेें उपचार के लिए आए मरीजों से वार्ता की और उन्हे मिल रही चिकित्सीय सुविधाओं के विषय में फीडबैक लिया। अस्पताल प्रशासन द्वारा जिलाधिकारी को बताया गया कि इस केन्द्र पर वर्तमान में 130 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध है, जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर से दवा लिखने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने इमरजेन्सी वार्ड का निरीक्षण किया जहां एक मरीज भर्ती पाई गयी, उन्होने वार्ड की साफ-सफाई और बेहतर करने के निर्देश दिए, इसके पश्चात् उन्होने आईसोलेशन वार्ड का जायजा लिया, जहां कोई भी मरीज भर्ती नहीं था। वार्ड की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सम्बन्धितों को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी पैथोलोजी पहुंचे वहां स्वयं की डाईबिटीज की जांच कराई। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि यहां पर लगभग सभी प्रकार की जांचे सुलभ है, केवल विटामिन डी की जांच की सुविधा वर्तमान में नहीं है, जिसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। डायबिटीज के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने चिकित्सकों से कहा कि आपका कार्य केवल रोग का इलाज करना नहीं है, बल्कि मरीजों को इससे बचाव के प्रति जागरूक करना भी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों को उनके खान-पान और उनके जीवन शैली में सुधार के विषय में विस्तार से बताए, ताकि वह इस बीमारी को नियंत्रित कर सके, जिलाधिकारी ने स्त्री रोग विभाग का भी निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान उन्हे बताया गया कि एक माह के भीतर 120 सफल सिजेरियन किए गए, जो क्षेत्र की महिलाओं के लिए बड़ी राहत है। इस दौरान उप जिलाधिकारी अंकित वर्मा उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़

