डीजे की धुन पर थिरकते निकला भक्तों का सैलाब, तीन किमी लंबा काफिला पहुंचा विंध्यधाम
मीरजापुर, 29 अगस्त (हि.स.)। रक्षाबंधन के पर्व पर मां विंध्यवासिनी के दर्शन की आस्था ने शनिवार शाम मीरजापुर-प्रयागराज मार्ग को भक्ति के रंग में रंग दिया। प्रयागराज से विंध्यधाम की ओर निकले श्रद्धालुओं का करीब तीन किलोमीटर लंबा जत्था शाम पांच बजे जिले की पश्चिमी सीमा पर पाली सुमतिया गांव के सामने पहुंचा तो सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ जुट गई।
जिगना, बिहसड़ा, गैपुरा और बिरोही बाजारों में दुकानदारों के साथ स्थानीय लोग भी श्रद्धालुओं के इस अनोखे काफिले को देखने के लिए सड़क किनारे खड़े नजर आए। चमचमाती फ्लड लाइटों के बीच डीजे की धुन पर नाचते-झूमते श्रद्धालु भक्ति में सराबोर दिखाई दिए। वाहनों के साथ चल रहे जत्थे में जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
प्रयागराज के अलावा कौशांबी और प्रतापगढ़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी धाम के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने कहा कि मां विंध्यवासिनी के जन्मदिवस पर उनके दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
रास्ते में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह इंतजाम भी किए गए। मोहनपुर गांव में मां विंध्यवासिनी सेवा समिति की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। आचार्य भोलानाथ पांडेय के निर्देशन में दिनेश पांडेय, महिमा देवी, आकाशा तिवारी, संजय, कृष्ण कुमार और विद्यासागर समेत स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को भोजन और प्रसाद कराया। वहीं, बिहसड़ा बाजार में भी स्वयंसेवकों ने चाय-पानी की व्यवस्था संभाली।
श्रद्धालुओं के लंबे काफिले और सेवा शिविरों ने प्रयागराज से विंध्यधाम तक की राह को आस्था, उल्लास और सेवा की जीवंत तस्वीर में बदल दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

