30 माह से लंबित वरासत प्रकरण पर भड़के मंडलायुक्त, एसडीएम सदर को दी कड़ी चेतावनी
मीरजापुर, 23 जून (हि.स.)। आईजीआरएस शिकायतों, जनसुनवाई और राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही पर मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल राजेश प्रकाश ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी उदासीनता मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मामला पूजा देवी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि पंजीकृत वसीयत से संबंधित वरासत का प्रकरण नायब तहसीलदार न्यायालय में लंबे समय से लंबित है। जांच के दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित नायब तहसीलदार से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इस पर उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर महेंद्र सिंह से जानकारी मांगी। बताया गया कि नायब तहसीलदार क्षेत्र में गए हैं। मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री के उस निर्देश का हवाला दिया, जिसमें सुबह 10 से 12 बजे तक अधिकारियों के कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करने की व्यवस्था तय की गई है।
मंडलायुक्त ने पाया कि वरासत का यह प्रकरण निर्धारित तीन माह की समय सीमा के बजाय करीब 30 माह से लंबित है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही और राजस्व मामलों के प्रति उदासीन रवैये का परिचायक बताया। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले मामलों में इस प्रकार की ढिलाई किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजेश प्रकाश ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई, आईजीआरएस और राजस्व वादों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी मीरजापुर को लंबित प्रकरण में जिम्मेदारी तय कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

