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श्रीबलदेव संस्कृत महाविद्यालय में भ्रष्टाचार का आराेप, उच्च शिक्षा मंत्री से जांच की मांग

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श्रीबलदेव संस्कृत महाविद्यालय में भ्रष्टाचार का आराेप, उच्च शिक्षा मंत्री से जांच की मांग


वाराणसी, 20 जुलाई (हि. स.)। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्र नेता संदीप प्रताप सिंह पिंटू ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से भेंट कर उन्हें संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध श्रीबलदेव संस्कृत महाविद्यालय (तरयां पिपरी) चौबेपुर, वाराणसी में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार एवं कूटरचित अभिलेखों के आधार पर शासकीय कोष को क्षति पहुँचाने संबंधी प्रकरण का विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत के साथ उन्होंने विभिन्न विभागों के आधिकारिक पत्रों एवं अभिलेखों को प्रमाण स्वरूप प्रस्तुत किया।

संदीप कुमार ने कहा कि मंत्री को दिये ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जिला विद्यालय निरीक्षक, वाराणसी द्वारा पूर्व में नियुक्ति प्रक्रिया को नियमों के विरुद्ध बताते हुए निरस्त किया जा चुका था। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा भी महाविद्यालय प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बावजूद कथित रूप से संदिग्ध अभिलेखों के आधार पर नियुक्तियाँ कर शासकीय वेतन का भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है।

उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एवं सक्षम जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में कूटरचना, भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग अथवा शासकीय धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करते हुए शासकीय कोष को हुई क्षति की वसूली भी सुनिश्चित की जाए।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने शिकायत एवं प्रस्तुत दस्तावेजों का संज्ञान लेते हुए प्रकरण की विधिसम्मत जांच कराए जाने का आश्वासन दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद