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जनता को समर्पित राजनेता, निर्विकार संत एवं सनातन के ध्वजवाहक रुप में और निखरी मुख्यमंत्री योगी की छवि

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जनता को समर्पित राजनेता, निर्विकार संत एवं सनातन के ध्वजवाहक रुप में और निखरी मुख्यमंत्री योगी की छवि


-चैत्र नवरात्रि से पहले ही शक्तिपीठों का भ्रमण कर गोरक्षपीठाधीश्वर ने मां के चरणों में शीश झुकाया, श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व सुविधाएं कीं सुनिश्चित

-मार्च में ही शिव, राम व कृष्ण की भी धरा पर पहुंचे योगी, ‘नर सेवा-नारायण सेवा’ के ध्येय को शीर्ष पर रखा

-सनातन की ध्वजा कभी न झुकने देने की हुंकार, स्मार्टफोन के अधिक प्रयोग व नशे से दूर रहने के लिए युवाओं को किया प्रेरित

लखनऊ, 27 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर अलग-अलग रूपों में दिखे। इस दौरान जनता को समर्पित राजनेता, निर्विकार संत और सनातन के ध्वजवाहक की छवि दिखी। आध्यात्मिक चेतना के बीच एक तरफ प्रदेश के मुखिया के रूप में शासकीय दायित्वों को निभाया तो दूसरी तरफ गोरखपीठाधीश्वर के रूप में सनातन के ध्वजवाहक का भी निर्वहन किया। चैत्र नवरात्रि से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण के 09 वर्ष पर राजधानी लखनऊ में संवाद भी किया। कई जनपदों में पहुंचकर विकास कार्य की सौगात दी तो निरीक्षण-संवाद भी किया। चैत्र नवरात्रि और उससे ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी जहां-जहां भी गए, वहां-वहां के मंदिरों में शीश झुकाया। मार्च की ही बात करें तो इस दौरान सीएम योगी राम, कृष्ण व शिव तीनों की धरा पर पहुंचे और समृद्ध उत्तर प्रदेश के लिए ‘शक्ति’ प्रदान करने की कामना की।

प्रथमा तिथि पर श्रीराम जन्मभूमि तो सप्तमी पर मां पाटेश्वरी मंदिर पहुंचे योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चैत्र नवरात्रि की प्रथमा तिथि पर अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि में श्रीरामयंत्र प्रतिष्ठापना कार्यक्रम में पहुंचे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु संग सीएम ने मंदिर में पूजन-अर्चन भी किया तो 21 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भी पहुंचे। नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर गोरक्षपीठाधीश्वर ने मां पाटेश्वरी मंदिर, देवीपाटन में पहुंचकर श्रद्धा निवेदित की। योगी आदित्यनाथ अष्टमी तिथि पर गोरखनाथ मंदिर में हवन-पूजन किया और नवमी तिथि पर कन्या पूजन व श्रीरामलला के प्राकट्योत्सव में भी सम्मिलित हुए।

राम-कृष्ण व शिव की धरा पर पहुंचे मुख्यमंत्री

गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैत्र नवरात्रि के ठीक पहले प्रदेश के कई जनपदों में शक्तिपीठों पर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। यही नहीं, मार्च में योगी आदित्यनाथ ने शिव, कृष्ण और राम की धरा पर भी आशीर्वाद लिया। पहली मार्च को काशी विश्वनाथ धाम व कालभैरव मंदिर (वाराणसी) में पहुंचकर श्रद्धा के पुष्प चढ़ाए। 07 मार्च को श्रीकृष्ण जन्मभूमि और 12 व 19 मार्च को श्रीरामलला की धरा अयोध्या पहुंचकर दर्शन-पूजन भी किया। इन तीनों धरा पर मुख्यमंत्री के दायित्वों के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने संत के रूप में भी अपनी श्रद्धा निवेदित की।

भरी सनातन की ध्वजा कभी न झुकने देने की हुंकार, दी स्मार्टफोन व नशे के प्रति चेतावनी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभिभावक की भूमिका में भी रहे। उन्होंने इस रूप में नौनिहालों का भी ध्यान रखा। जालोर (राजस्थान) में श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर के 375 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय महायज्ञ एवं विशाल धर्मसभा में मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति का आह्वान किया कि बच्चों को रोने और नाराज होने दें, लेकिन स्मार्टफोन कतई न दें तो युवा पीढ़ी को सीख दी कि विफलता मिली है तो कारण ढूंढकर उसे सफलता में बदलें, परिवार के लिए समय निकालें और बातचीत करें। चित्तौड़गढ़ में ‘जौहर श्रद्धांजलि समारोह’ में उन्होंने कहा कि सनातन की मर्यादा अमर है और रहेगी। बाबर-औरंगजेब और अकबर के खानदान का पता नहीं, महाराणा प्रताप के वंशज कार्यक्रम में बैठे हैं।

शीर्ष पर रही ‘नर-नारायण सेवा’

इन सबके बीच ‘नर सेवा-नारायण सेवा’ का अपना ध्येय नहीं छोड़ा। उन्होंने जनता के लिए, जनता को समर्पित और जनता के बीच रहकर अनेक विकास योजनाओं के जरिए प्रत्यक्ष रूप से उन्हें आच्छादित किया। 03 व 05 मार्च को गोरखपुर में जनता के बीच 'जनार्दन' का दर्शन किया। 08 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सुरक्षा, सम्मान व सशक्तीकरण से जोड़ा और महिलाओं को चेक, पिंक रोजगार महाकुंभ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीमा प्रीमियम, साड़ी-वर्दी के लिए 38.49 करोड़ रुपये डीबीटी अंतरण किया। 09 मार्च को लखनऊ में जनता दर्शन के जरिए प्रदेशवासियों की समस्याएं सुनीं। 17 मार्च को कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि दी। 18 मार्च को नवनिर्माण के 09 वर्ष पर संवाद किया। 22 मार्च को नवचयनित 1228 नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरित किया। 23 मार्च को लखनऊ में जनता दर्शन किया। 24 मार्च को पांच अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र, रानी लक्ष्मीबाई- लक्ष्मण अवार्ड, 14 खिलाड़ियों को 1.64 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की तो 25 मार्च को बहराइच में 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय व आवास के लिए भूमि पट्टा का वितरण भरथापुर के लोगों के संबल प्रदान किया। नवरात्रि में 26 मार्च व 27 को गोरखपुर में जनता दर्शन में लोगों की समस्याओं का निराकरण किया।

नवरात्रि से पहले काशी विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी धाम, मां शाकुंभरी मंदिर के दर पर पहुंचे मुख्यमंत्री

नवरात्रि से पहले मुख्यमंत्री योगी काशी विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी धाम, मां शाकुंभरी मंदिर के दर पर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री कई आध्यात्मिक यात्राओं पर प्रदेश के बाहर हरियाणा व राजस्थान भी गए।

मार्च में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आध्यात्मिक दौरे

1 मार्चः काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर (वाराणसी)

3 से 5 मार्चः गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर

7 मार्चः श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा

12 मार्चः मां पाटेश्वरी मंदिर, देवीपाटन

12 मार्चः श्रीराम मंदिर, हनुमानगढ़ी अयोध्या

14 मार्चः बाबा मुकुट नाथ मठ, सौंगल गांव कैथल (आध्यात्मिक कार्यक्रम)

14 मार्चः बाबा भूरादेव मंदिर व शाकुंभरी माता मंदिर (सहारनपुर)

15 मार्चः कालिका माता मंदिर (राजस्थान)

16 मार्चः सिरे मंदिर राजस्थान

17 मार्चः मां विंध्यवासिनी मंदिर

19 मार्चः श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या

25 मार्चः मां पाटेश्वरी मंदिर (देवीपाटन)

25-26,27 मार्चः गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह